मंच से विरोधियों पर तीखे राजनीतिक हमले करने वाले निवाई के पूर्व विधायक प्रशांत बैरवा का एक और बयान सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वे एक दिन पहले हुई चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहते नजर आ रहे हैं कि 'एक बार कांग्रेस का जिलाप्रमुख बैठा दो, जूता मैं दे दूंगा।' उनके इस बयान के बाद जिले की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। अगस्त माह में भी पूर्व विधायक ने मंच से ही अपने संगठन सह प्रभारी को लताड़ लगा दी थी। दरअसल, यह बयान जिला परिषद के वार्ड 22 से कांग्रेस प्रत्याशी, उनकी पत्नी सुषमा बैरवा के चुनाव कार्यालय के उद्घाटन के दौरान दिया गया। सभा में बैरवा ने उक्त बयान के साथ यह भी कहा कि जूता किसको दूंगा, यह तो पता नहीं। मैं अफसरों की बात नहीं कर रहा हूं। उनके तो हाथ जोड़-जोड़कर काम करा लेता हूं। बाद में मीडिया से बातचीत में बैरवा ने अपने बयान का अर्थ स्पष्ट करते हुए कहा कि जो जनप्रतिनिधि काम नहीं करेगा और जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरेगा, जनता उसे पीट सकती है। कांग्रेस प्रत्याशी सुषमा बैरवा ने जिला परिषद की सभी सीटों पर कांग्रेस की जीत का दावा किया। वहीं प्रभारी बत्ती लाल गुर्जर ने भी भाजपा विधायक एवं मंत्री कन्हैयालाल चौधरी पर राजनीतिक हमले किए। साफ-सुथरा निकल गया, ये भी बड़ी बात : बैरवा ने कहा कि पिछले चुनाव में वे पूरे क्षेत्र में लोगों के बीच ठीक से नहीं जा पाए। कई जगह उनके स्वागत के लिए लोग भाटे, तो कहीं लट्ठ लेकर बैठे थे। उन्हें समझ नहीं आया कि वे चुनाव लड़ रहे हैं या किसी को भगाकर ले गए हैं। न उन्होंने दलाली की, न ही लूटकर गए। फिर भी गांवों में उनका विरोध हुआ। उनके अनुसार, निवाई का विधायक तो पिटता ही है। उन्होंने यहां से मौजूदा भाजपा विधायक और मंत्री कन्हैयालाल चौधरी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल के अभी दो साल बाकी हैं। इसलिए वे भी बचकर रहें। सह-प्रभारी को भी सुना दी थी खरी-खोटी : प्रशांत बैरवा का मंच से तीखे बयान करने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 26 अगस्त को निवाई के गंगा-जमुना गार्डन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक प्रशांत बैरवा ने कांग्रेस के सह-प्रभारी सुमित गर्ग पर मंच से ही नाराजगी जताई थी। उन्होंने यह तक कह दिया था कि कहा- "फालतू बातें क्यों कर रहे हो, अपने घर जाओ... चुपचाप यहां से, फालतू बातें। सिंबल बांटने आया है क्या यहां पर एमएलए का?" इस पर सुमित गर्ग ने जवाब दिया- "मैंने कब कहा?" मंच पर हुई इस नोकझोंक से कुछ देर के लिए असहज स्थिति बन गई। इसके बाद सह-प्रभारी गर्ग उठकर वहां से चले गए। दरअसल, सुमित गर्ग अपना भाषण समाप्त कर मंच पर बैठे ही थे कि किसी बात को लेकर बैरवा उनसे उलझ गए।