मणिपुर में शनिवार को दो अलग-अलग घटनाओं में 5 लोगों की मौत हो गई। नोनी जिले के केकरू नगा गांव में दो हथियारबंद गुटों के बीच कई घंटे तक गोलीबारी हुई। इसमें कुकी समुदाय के 3 लोगों की जान चली गई। वहीं, कांगपोकपी जिले में 29 अक्टूबर से लापता दो युवकों के शव रविवार को मिले। दोनों युवक ताफौ कुकी गांव से लापता हुए थे। पहाड़ी इलाके में मिले शवों की पहचान की जा रही है। इस साल मणिपुर में हिंसा से जुड़ी घटनाओं में करीब 100 लोगों की मौत हो चुकी है। इससे पहले मई 2023 में शुरू हुई जातीय हिंसा में 300 से ज्यादा लोगों की जान गई थी। नोनी में दो गुटों के बीच कई घंटे तक गोलियां चलीं नोनी जिले के केकरू नगा गांव में शनिवार सुबह दो विरोधी गुटों के बीच गोलीबारी शुरू हुई। पहाड़ी और जंगली इलाके में कई घंटे तक दोनों तरफ से गोलियां चलती रहीं। पुलिस ने कहा कि इलाके में हालात काबू में रखने के लिए जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। कुकी समुदाय के संगठन कुकी इनपी मणिपुर (KIM) ने नगा उग्रवादी गुटों पर हत्या का आरोप लगाया है। संगठन ने सरकार से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की है। लापता दो युवकों की तलाश के दौरान मिले शव कांगपोकपी जिले के ताफौ कुकी गांव से दो युवक 29 अक्टूबर को लापता हो गए थे। उनकी तलाश के लिए मणिपुर पुलिस, कोबरा, CRPF, असम राइफल्स और RAF की संयुक्त टीमें अभियान चला रही थीं। रविवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-2 के पूर्व में SP रोड के पास पहाड़ी इलाके में दोनों के शव मिले। पुलिस के मुताबिक, शवों की पहचान की जा रही है और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। SP रोड सेनापति और कांगपोकपी जिलों को जोड़ता है। इम्फाल में मैतेई संगठनों ने निकाली रैली मणिपुर की राजधानी इम्फाल में शनिवार को मैतेई संगठनों ने रैली निकाली। इसमें स्थानीय लोगों की सुरक्षा और कुकी उग्रवादी समूहों के साथ सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन (SoO) समझौता रद्द करने की मांग की गई। रैली का आयोजन मणिपुर इंटीग्रिटी की कोऑर्डिनेटिंग कमेटी ने किया था। नगा संगठनों की शीर्ष संस्था यूनाइटेड नगा काउंसिल (UNC) ने भी रैली का समर्थन किया। चंदेल और सेनापति जिलों में भी नगा संगठनों ने रैलियां निकालीं। प्रदर्शनकारियों ने ‘सेव मणिपुर’ लिखे पोस्टर और तख्तियां ले रखी थीं। इन पर ‘हमें शांति और न्याय चाहिए’ और ‘SoO समझौता रद्द करो’ जैसे नारे लिखे थे। 2023 की हिंसा में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हुई मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी। राज्य के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम ने 3 सितंबर को विधानसभा में बताया था कि इस हिंसा में 306 लोगों की मौत हुई है और 49 लोग अब भी लापता हैं। इसी बीच, सुरक्षा बलों ने कांगपोकपी जिले के साइनाई में कुकी-जो उग्रवादी समूहों के एक शिविर पर कब्जा किया। शिविर में दर्ज 159 सदस्यों में से केवल एक ही मिला। वहां से 24 हथियार भी बरामद किए गए। इसके बाद सुरक्षा बलों ने राज्य के सभी 14 ऐसे शिविरों की जांच करने की योजना बनाई है। कुकी उग्रवादी समूहों के साथ सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन (SoO) समझौता 4 सितंबर 2026 को खत्म हो गया था। इसका नवीनीकरण नहीं हुआ है। शिविर में दर्ज सदस्यों की संख्या और वहां मौजूद लोगों के बीच अंतर मिलने के बाद समझौते के नियमों के पालन पर सवाल उठे हैं। ---------------------------------- ये खबर भी पढ़ें: मणिपुर में चौबीस घंटे में 4 लोगों की हत्या:नाराज लोग शवों को मुख्यमंत्री आवास के बाहर छोड़ गए, पुलिस ने हटाया मणिपुर में 24 घंटे के भीतर हिंसा की 2 घटनाओं में 4 लोगों की मौत हो गई। सोमवार सुबह इम्फाल ईस्ट और कांगपोकपी जिलों की सीमा के पास लकड़ी लेने गए लोगों पर संदिग्ध उग्रवादियों ने हमला कर दिया। इसमें 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य घायल हुए और 3 लोग लापता बताए गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…