नागौर के बड़ली क्षेत्र में श्मशान भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर मंगलवार को मेघवाल समाज के लोगों ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। इसके बाद समाज के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर श्मशान भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। भू-माफियाओं पर कब्जे के प्रयास का आरोप समाज के लोगों का आरोप है कि गांव की श्मशान भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह भूमि समाज की आस्था और सार्वजनिक उपयोग से जुड़ी हुई है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सामाजिक और धार्मिक भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं। सीमांकन कराने की मांग प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से श्मशान भूमि का तत्काल सीमांकन कराने और उसे अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की। साथ ही भविष्य में दोबारा कब्जे के प्रयासों को रोकने के लिए भूमि की सुरक्षा के स्थायी इंतजाम करने की भी मांग उठाई। निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग ज्ञापन में समाज के प्रतिनिधियों ने कथित अतिक्रमण के लिए जिम्मेदार लोगों की निष्पक्ष जांच कराने और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि श्मशान भूमि सार्वजनिक उपयोग की जगह है और इस पर किसी भी तरह का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा। कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में मेघवाल समाज के लोग मौजूद रहे। समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।