जिले में पंचायतीराज चुनाव के दूसरे चरण में सरपंच पद के नतीजों ने कई चौंकाने वाले परिणाम दिए। कहीं विधायक की बेटी को हार का सामना करना पड़ा, तो कहीं दूसरे विधायक की बेटी लगातार दूसरी बार सरपंच चुनी गई। डग विधायक कालूराम मेघवाल की पुत्री सूरज बाई पिड़ावा पंचायत समिति की सांगरिया ग्राम पंचायत से चुनाव मैदान में थीं। उन्हें महज 370 वोट मिले और वे तीसरे स्थान पर रहीं। इधर, मनोहरथाना विधायक गोविंद रानीपुरिया की पुत्री उर्मिला ने रीझोन ग्राम पंचायत से जीत दर्ज की। वे लगातार दूसरी बार सरपंच बनी हैं। रिटायर्ड एडीएम को 99 और रिटायर्ड शिक्षक को 1401 वोट खानपुर उपखंड की गाडरवाड़ा नूरजी ग्राम पंचायत में सरपंच पद का मुकाबला भी चर्चा में रहा। कई जिलों में एडीएम की जिम्मेदारी संभाल चुके सेवानिवृत्त आरएएस अधिकारी सियाराम मीणा को मतदाताओं ने नकार दिया। उन्हें महज 99 वोट मिले। उनके मुकाबले में उतरे सेवानिवृत्त शिक्षक गजानंद मीणा ने 1401 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। यहां पूर्व सरपंच राजेंद्र मीणा को भी हार का सामना करना पड़ा। ग्राम पंचायत में करीब 3300 मतदाता हैं। यह पंचायत एसटी ओपन वर्ग के लिए आरक्षित हुई थी।