जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ कस्बे में सफेद सोने के नाम से पहचाने जाने वाले जिप्सम का अवैध कारोबार लगातार बढ़ने के आरोप सामने आ रहे हैं। कस्बे के रामपुरा बाईपास रोड पर देर रात अंधेरे में JCB मशीनों से जमीन की खुदाई कर जिप्सम निकाले जाने की गतिविधियां चर्चा का विषय बनी हुई हैं। आरोप है कि संबंधित जमीनों पर वैध खनन लीज के बिना ही खुलेआम खनन किया जा रहा है। ग्रामीण विक्रम सिंह ने बताया- खनन माफिया रात के अंधेरे का फायदा उठाकर JCB मशीनों से जिप्सम निकाल रहे हैं। इसके बाद इस जिप्सम को ट्रकों के जरिए बीकानेर की फैक्ट्रियों तक पहुंचाया जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि खनन वैध लीज के तहत नहीं हो रहा है तो इतनी बड़ी मात्रा में जिप्सम का परिवहन कैसे हो रहा है? ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बाद भी इन जिप्सम के अवैध खनन माफियाओं पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। बिना रवाना कैसे पहुंच रहा बीकानेर तक जिप्सम? इस पूरे मामले में खनिज विभाग की निगरानी और परिवहन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। विक्रम सिंह ने आरोप लगाते हुए बताया- बिना वैध रवाना के जिप्सम से भरे वाहन बीकानेर तक पहुंच रहे हैं। यदि ऐसा हो रहा है तो रास्ते में वाहनों की जांच और खनिज परिवहन के दस्तावेजों का सत्यापन क्यों नहीं किया जा रहा? स्थानीय स्तर पर सिस्टम से कथित सांठगांठ की चर्चाएं भी हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल गर्मीं विक्रम सिंह ने बताया- रामपुरा बाईपास क्षेत्र में देर रात तक चल रही खनन गतिविधियों के बावजूद संबंधित विभागों की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इन गतिविधियों की जानकारी नहीं है या फिर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही? अब जरूरत है कि खनिज विभाग और जिला प्रशासन मौके पर पहुंचकर जमीन के रिकॉर्ड, खनन लीज, मशीनों और जिप्सम परिवहन के रवाना की जांच करें। मोहनगढ़ में सफेद सोने के इस कथित काले कारोबार पर कार्रवाई कब होगी, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।