दीपावली से आठ दिन पहले आज रविवार को रवि पुष्य नक्षत्र पर जयपुर के बाजारों में जमकर खरीदारी हो रही है। इस दिन को खरीदारी के लिए शुभ माना जाता है। सर्राफा, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रॉपर्टी बाजार में ग्राहकों के पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, मोती डूंगरी गणेश मंदिर में महंत कैलाश शर्मा के सान्निध्य में भगवान गणेश का 201 किलो पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके बाद 1008 मोदकों का भोग लगाया गया। मंदिर में सुबह से ही दर्शन और वाहन पूजन के लिए भक्त पहुंच रहे हैं। शुभ माना जाता है रवि पुष्य नक्षत्र रवि पुष्य नक्षत्र के साथ रविवार को सर्वार्थसिद्धि योग और राजयोग का संयोग भी है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन सोने-चांदी के जेवर, वाहन, मकान-प्लॉट, इलेक्ट्रॉनिक्स और बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। जौहरी बाजार, त्रिपोलिया, एमआई रोड और मानसरोवर सहित शहर के प्रमुख बाजारों में खरीदारी को लेकर तैयारियां की गई हैं। सर्राफा से ऑटोमोबाइल तक खरीदारी की उम्मीद सर्राफा बाजार में सोने-चांदी के सिक्कों और जेवरों की खरीदारी होगी। वहीं, ऑटोमोबाइल सेक्टर में दोपहिया और चौपहिया वाहनों की डिलीवरी और पूजन के लिए ग्राहक पहुंचेंगे। रियल एस्टेट में मकान-प्लॉट की रजिस्ट्री, इलेक्ट्रॉनिक्स और बर्तन बाजार में भी खरीदारी की उम्मीद है। मोती डूंगरी गणेश मंदिर में विशेष पूजा रवि पुष्य नक्षत्र पर मोती डूंगरी गणेश मंदिर में भगवान गणेश का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंचामृत अभिषेक किया गया। इसमें 151 किलो दूध, 21 किलो दही, 5.25 किलो घी, 21 किलो बूरा, शहद, केवड़ा और गुलाब जल का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद गणपति सहस्रनाम पाठ कर 1008 मोदक अर्पित किए गए। भगवान को नई जरदोजी की पोशाक पहनाई गई। स्वर्ण मुकुट धारण करवाकर फूल बंगले में विराजमान किया गया। भक्तों को निशुल्क रक्षासूत्र भी वितरित किए गए। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए और खुशहाली की कामना की। वाहन पूजन के लिए लगी कतारें धनतेरस से पहले रवि पुष्य नक्षत्र पर बड़ी संख्या में दोपहिया और चौपहिया वाहन पूजन के लिए मंदिर पहुंचे। वाहनों की कतारें जेएलएन मार्ग तक पहुंच गईं। मंदिर में पूजन के लिए विशेष इंतजाम किए गए है। सर्दी के अनुसार बदली भगवान की भोग सेवा महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि मौसम में बदलाव के साथ भगवान गणेश की भोग सेवा में भी बदलाव किया जा रहा है। भगवान को अब गर्माहट देने वाला विशेष सुगंध का इत्र लगाया जाएगा। भोग में चोले की दाल और मूंग दाल की पकौड़ी तिल्ली के तेल में तलकर अर्पित की गई। दीपावली पर होगी विशेष सजावट दीपावली पर मोती डूंगरी गणेश मंदिर परिसर में विशेष रोशनी और सजावट की जाएगी। इसके लिए एक-दो दिन में तैयारियां शुरू होंगी।