खैरथल-तिजारा जिले में मुंडावर नगरपालिका क्षेत्र के ग्रामीण किसानों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने मुख्यमंत्री निशुल्क विद्युत छूट योजना का लाभ पुनः बहाल करने की मांग की है। किसानों का आरोप है कि विद्युत विभाग ने बिना सर्वे और उचित प्रक्रिया के उनके कृषि विद्युत कनेक्शनों का टैरिफ कोड बदल दिया, जिससे वे 2000 यूनिट तक की निशुल्क बिजली योजना से वंचित हो गए हैं। घंटों के अनुसार नहीं मिल रही बिजली किसानों ने ज्ञापन में बताया-विभाग ने कृषि श्रेणी के टैरिफ कोड 4000 को बदलकर 4000 AX कर दिया है। उनका कहना है कि इस नई श्रेणी में निर्धारित आपूर्ति घंटों के अनुसार बिजली नहीं मिल रही है, और उन्हें केवल 5 से 6 घंटे ही विद्युत आपूर्ति की जा रही है। 2000 यूनिट की छूट से मुंडावर वंचित किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि बहरोड़, बानसूर, कोटपूतली और कोटकासिम नगरपालिका क्षेत्रों के ग्रामीण किसानों को मुख्यमंत्री निशुल्क विद्युत योजना के तहत 2000 यूनिट तक की छूट मिल रही है। इसके विपरीत, मुंडावर के किसानों को इस सुविधा से वंचित रखा गया है, जिसे उन्होंने "एक प्रदेश, एक कानून" की भावना के खिलाफ बताया। ज्ञापन में बताया कि संबंधित भूमि आज भी राजस्व रिकॉर्ड में कृषि भूमि के रूप में दर्ज है और वहां कोई व्यावसायिक गतिविधि संचालित नहीं होती। इसके बावजूद, किसानों से कथित तौर पर अनुचित विद्युत शुल्क वसूला जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों को दे चुके हैं ज्ञापन किसानों ने बताया कि वे इस संबंध में पहले भी दो बार उपखंड अधिकारी, मुंडावर, और एक बार विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन दे चुके हैं। हालांकि, अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। उनका आरोप है कि विभाग फाइलों की प्रक्रिया का हवाला देकर किसानों को लगातार परेशान कर रहा है। ग्रामीण किसानों ने जिला कलेक्टर से इस मामले में हस्तक्षेप करने और मुख्यमंत्री निशुल्क विद्युत छूट योजना का लाभ शीघ्र दिलाने की मांग की है। उन्होंने टैरिफ संबंधी विसंगतियों को भी दूर करने का आग्रह किया है।