प्रदेश में पशुपालकों को घर बैठे पशु चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने वाली 1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट (MVU) के कर्मचारियों ने अपनी लंबित समस्याओं के समाधान की मांग उठाई है। नागौर में कुल 13 गाड़ी है और प्रत्येक गाड़ी पर 3 स्टाफ है। यूनिट में कार्यरत डॉक्टर, लाइवस्टॉक इंस्पेक्टर (LSI) और ड्राइवरों ने वेतन विसंगतियों, अवकाश नहीं मिलने और प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर नागौर सांसद और संयुक्त निदेशक नागौर को ज्ञापन सौंपकर समाधान की मांग की गई। कर्मचारियों का कहना है कि वे दिन-रात पशुपालकों को सेवाएं देने के साथ पशुओं का इलाज कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कई आर्थिक और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि लगातार 365 दिन काम करने के बावजूद उन्हें कैजुअल लीव (CL), प्रिविलेज लीव (PL) और साप्ताहिक अवकाश का उचित लाभ नहीं मिल रहा है। ज्ञापन में 9 प्रमुख मांगें उठाईं कर्मचारियों ने ज्ञापन में बताया कि वेतन भुगतान के लिए हर महीने एक निश्चित तारीख निर्धारित की जाए, ताकि समय पर वेतन मिल सके। कई महीनों का वेतन भुगतान भी लंबित बताया गया है। कर्मचारियों के अनुसार निर्धारित मासिक वेतन में डॉक्टर को 56,900 रुपए, LSI को 20,000 रुपए और ड्राइवर को 18,000 रुपए मिलने चाहिए, लेकिन उन्हें नियमानुसार पूरा भुगतान नहीं मिल रहा है। इसके अलावा कर्मचारियों ने वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ देने, बिना उचित सूचना और स्पष्टीकरण के पेनल्टी लगाने की प्रक्रिया बंद करने तथा बिना रिलीवर उपलब्ध कराए वेतन से कटौती पर रोक लगाने की मांग की है। सैलरी स्लिप देने और स्थायी समाधान की मांग ज्ञापन में कर्मचारियों ने एक अन्य समस्या उठाते हुए कहा कि उन्हें वेतन की सैलरी स्लिप उपलब्ध नहीं करवाई जाती है। ऐसे में सभी कर्मचारियों को नियमित रूप से सैलरी स्लिप देने की व्यवस्था की जाए। साथ ही वेतन संबंधी विसंगतियों और अन्य समस्याओं का स्थायी समाधान करने की मांग की गई है। कर्मचारियों ने सांसद से आग्रह किया है कि वे उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग और कंपनी के उच्च अधिकारियों से वार्ता करें, ताकि कर्मचारियों को न्याय मिल सके और उनकी मांगों का जल्द समाधान हो सके। ज्ञापन के दौरान कानाराम, अर्जुन, राजेश, दिनेश, राधेश्याम, विकास, ताराचंद, सुशील, कमल सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।