बारां जिले में नाहरगढ़ रेंज ऑफिस में वनकर्मियों से मारपीट के मामले में पुलिस ने नरेश मीणा के 4 समर्थकों को गिरफ्तार किया है। इसके विरोध में नरेश मीणा की भगत सिंह सेना के कार्यकर्ता सोमवार देर शाम नाहरगढ़ थाने पहुंचे और प्रदर्शन किया। उन्होंने गिरफ्तार साथियों की रिहाई की मांग की। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा- हम साथियों के समर्थन में गिरफ्तारी देने के लिए भी तैयार हैं। जब तक हमारे साथियों को रिहा नहीं किया जाएगा, तब तक हम भी जमानत नहीं करवाएंगे। समर्थकों ने पुलिस पर बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया। वनकर्मियों के साथ मारपीट का केस दर्ज दरअसल, नरेश मीणा 1 नवंबर (रविवार) को पंचायत चुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों के समर्थन में सभा करने नाहरगढ़ पहुंचे थे। इस दौरान किसानों ने वन विभाग पर परेशान करने का आरोप लगाया। एक किसान ने बताया कि वन विभाग के कर्मचारियों ने पानी की मोटर और पाइप जब्त कर लिए हैं। इसके बाद नरेश मीणा ने चेतावनी दी कि किसानों पर कोई अत्याचार नहीं होना चाहिए, वरना इन सरकारी दफ्तरों में आग लगा दी जाएगी। इसके बाद किसानों और समर्थकों के साथ नाहरगढ़ रेंज ऑफिस पहुंचे और हंगामा कर दिया। वन विभाग के नाका प्रभारी प्रदीप सिंह राठौड़ ने नाहरगढ़ थाने में नरेश मीणा और उनके समर्थकों के खिलाफ मारपीट, जान से मारने की धमकी और राजकार्य में बाधा डालने का केस दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले में 4 आरोपियों जितेंद्र नागर (36), देवेंद्र (22), पप्पू (25) और मुरारी (20) को गिरफ्तार किया। समर्थक बोले- झूठे मुकदमे दर्ज कर जेल भेजा पुलिस ने सोमवार को चारों युवकों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इसके बाद बड़ी संख्या में नरेश मीणा के समर्थक नाहरगढ़ थाने पहुंचे और साथियों को रिहा करने की मांग की। समर्थकों ने थाने के बाहर नारेबाजी करते हुए 'गरीब मजदूरों को रिहा करो' के नारे लगाए। उन्होंने सवाल उठाया कि जंगल में रहने वाले लोगों से वोट तो लिए जाते हैं, लेकिन बाद में उन्हें परेशान क्यों किया जाता है। समर्थकों ने आरोप लगाया कि बच्चों और युवकों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया है। आखिर उन युवकों का अपराध क्या है और उनके खिलाफ दर्ज मामले की रिपोर्ट क्या है? ‘गरीबों की आवाज उठाने पर उनके पीछे पड़ जाते हैं’ प्रदर्शन में शामिल बारां पंचायत समिति सदस्य और BSP की प्रधान पद की प्रत्याशी ममता नागर ने कहा- मैं नरेश मीणा के संघर्ष से प्रेरित होकर यहां आई हूं। नरेश मीणा गरीबों और पीड़ितों के साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं और उनके हक की लड़ाई लड़ते हैं। उन्होंने कहा- जब भी नरेश मीणा आम लोगों के लिए आवाज उठाते हैं, तो पुलिस प्रशासन और राजनेता उनके पीछे पड़ जाते हैं। उन्होंने कहा- मैं नरेश मीणा के संघर्ष में साथ देने और उनकी आवाज बुलंद करने आई हूं। मैं गिरफ्तारी देने के लिए भी तैयार हूं। मैं नरेश मीणा के साथ खड़ी हूं और उनके संघर्ष में हर कदम पर साथ दूंगी। नरेश मीणा के खिलाफ 1 महीने में 3 केस दर्ज पिछले 1 महीने में नरेश मीणा के खिलाफ 3 केस दर्ज हुए हैं। 1 नवंबर को नाहरगढ़ रेंज ऑफिस में वनकर्मियों के साथ मारपीट, सरकारी काम में बाधा डालने और जब्त सामान जबरन ले जाने का केस दर्ज हुआ है। इससे पहले छबड़ा में खाद की मांग को लेकर नरेश मीणा ने SDM ऑफिस के बाहर किसानों के साथ धरना दिया था। इस मामले में उनके खिलाफ अधिकारियों को धमकाने समेत 8 धाराओं में FIR दर्ज की गई थी। इसके अलावा करीब 1 महीने पहले जयपुर कूच के दौरान शिवदासपुरा टोल पर जाम लगाने के मामले में भी केस दर्ज हुआ था। ये खबरें भी पढ़ें 'किसानों पर अत्याचार हुआ तो सरकारी-दफ्तरों में आग लगा देंगे':नरेश मीणा ने दी चेतावनी; समर्थकों के साथ वन विभाग के ऑफिस पहुंचकर किया हंगामा नरेश मीणा के खिलाफ अधिकारियों को धमकाने का मामला दर्ज:बोले- मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के दबाव में FIR हुई, मुझे फिर जेल भेजना चाहते हैं खाद के लिए लाठी लेकर सड़क पर उतरे नरेश मीणा:पेड़ पर चढ़कर की नारेबाजी, लोगों के साथ SDM ऑफिस के बाहर धरना दिया