शहर के बीचोंबीच स्थित नेहरू पार्क इन दिनों देखरेख के अभाव में बदहाल हो रहा है। कभी बच्चों के मनोरंजन और शहरवासियों के घूमने-फिरने का प्रमुख स्थान रहा यह पार्क अब अव्यवस्थाओं से घिरा है। पार्क में जगह-जगह शराब की खाली बोतलें और कचरे के ढेर नजर आते हैं। साफ-सफाई नहीं होने से पार्क की सुंदरता भी बिगड़ रही है। बच्चों के मनोरंजन के लिए बनाए गए खेल जोन की स्थिति भी खराब है। यहां लगी टॉय ट्रेन लंबे समय से बंद पड़ी है। बच्चों के लिए लगाए गए झूले, फिसलपट्टी और अन्य खेल उपकरण भी बंद और क्षतिग्रस्त हालत में हैं। ऐसे में पार्क में आने वाले बच्चों को इन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। आरोग्य वाटिका में कचरा पार्क में बनाई गई आरोग्य वाटिका की स्थिति भी खराब है। यहां दीवारों पर शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के संदेश लिखे हुए हैं, लेकिन वाटिका खुद देखरेख के अभाव में बदहाल हो रही है। आसपास कचरे के ढेर लगे हैं और साफ-सफाई की व्यवस्था भी नजर नहीं आती। महिला-पुरुष शौचालयों की व्यवस्था ठप पार्क में आने वाले लोगों के लिए बनाए गए महिला और पुरुष शौचालयों की स्थिति भी चिंताजनक है। महिला शौचालय के गेट तक नहीं हैं। लंबे समय से साफ-सफाई नहीं होने के कारण शौचालयों का उपयोग नहीं हो पा रहा है। इससे पार्क में घूमने आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अगस्त में खत्म हुआ देखरेख का टेंडर नगर परिषद की कार्यवाहक आयुक्त अनीता बिरदा ने बताया कि अगस्त में पार्क की देखरेख का टेंडर समाप्त हो गया था। इसके चलते व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने हाल ही में कार्यभार संभाला है और पार्क में साफ-सफाई करवाने के निर्देश दे दिए हैं। जल्द ही पार्क के लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करवाया जाएगा।