फलोदी जिले में बीकानेर-फलोदी राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाप कस्बे के पास बने चार स्पीड ब्रेकर हटाने की प्रक्रिया शुरू होगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। वहीं, यातायात नियमों और वाहनों की जांच के दौरान एक पिकअप सीज की गई और चार अन्य वाहनों के चालान किए गए। मुख्य कैरिजवे पर ब्रेकर मिले तो हटाने के निर्देश जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. अजय कुमार बिश्नोई के संज्ञान में आया कि बाप के पास हाईवे पर चार स्पीड ब्रेकर बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अवरोध तेज रफ्तार वाहनों के साथ एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं के आवागमन में बाधा बन सकते हैं। इससे दुर्घटनाओं की आशंका भी रहती है। डॉ. बिश्नोई ने एनएचएआई के परियोजना निदेशक को पत्र लिखकर तकनीकी अधिकारी से चारों स्पीड ब्रेकरों का निरीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह जांचने को कहा है कि ये हाईवे के मुख्य कैरिजवे पर बने हैं या सर्विस रोड पर। मुख्य कैरिजवे पर स्पीड ब्रेकर पाए जाने पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार उन्हें हटाने की कार्रवाई करने को कहा गया है। जहां सड़क सुरक्षा के लिए गति नियंत्रण जरूरी हो, वहां निर्धारित मानकों के अनुसार अन्य सुरक्षा उपाय अपनाने होंगे। जांच में भेड़ों से भरी पिकअप का चालान सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की नीति के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्गों के मुख्य मार्ग पर स्पीड ब्रेकर बनाना नियमों के अनुरूप नहीं है। ऐसे अवरोध हटाए जाने चाहिए। जरूरत पड़ने पर सक्षम अधिकारी की मंजूरी से निर्धारित मानकों के अनुसार सुरक्षा उपाय किए जा सकते हैं। इधर, अवैध वाहनों की जांच के दौरान डॉ. बिश्नोई ने पोकरण-फलोदी सीमा के पास यातायात पुलिस के साथ कार्रवाई की। जांच में एक पिकअप में 35 भेड़ें क्रूरतापूर्वक भरी हुई मिलीं। इस पर वाहन का चालान किया गया। वहीं, दस्तावेज नहीं मिलने पर एक अन्य पिकअप को सीज किया गया। कार्रवाई में चार अन्य वाहनों के भी चालान किए गए।