उपखंड क्षेत्र की 38 ग्राम पंचायतों में शुक्रवार को हुए मतदान के बाद शनिवार सुबह तक चुनाव परिणामों की तस्वीर साफ हो गई। कई पंचायतों में कांटे के मुकाबले हुए तो कहीं प्रत्याशियों ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की। निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम आकांक्षा दुबे ने बताया कि रेलमगरा ब्लॉक में कुल 84.96 प्रतिशत मतदान हुआ। यह जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव में हुए मतदान से 13.06 प्रतिशत अधिक रहा। रेलमगरा में निशा प्रकाश चौधरी ने शाइना परवीन को 1827 मतों से हराकर सबसे बड़ी जीत दर्ज की, जबकि गोगाथला में नारू देवी कुमावत ने पदमा कुंवर को महज 13 मतों से हराया। रेलमगरा में तीसरी बार चौधरी परिवार के हाथ कमान: उपखंड मुख्यालय की रेलमगरा ग्राम पंचायत में चौधरी परिवार ने तीसरी बार सरपंच पद पर कब्जा जमाया। निशा प्रकाश चौधरी ने 1827 मतों से जीत हासिल की। इससे पहले 2010 से 2015 तक प्रकाश चौधरी और 2015 से 2020 तक निशा चौधरी सरपंच रह चुकी हैं। वर्ष 2020 में निशा महज 44 मतों से चुनाव हार गई थीं, जबकि प्रकाश चौधरी पंचायत समिति सदस्य बने थे। इस बार निशा ने बड़े अंतर से जीत दर्ज कर परिवार का दबदबा फिर कायम किया। तीन पंचायतों के नतीजों ने चौंकाया : पीपली अहिरान, पनोतिया और कोटड़ी के चुनाव परिणामों ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए। पीपली अहिरान में पूर्व जिला परिषद सदस्य लेहरूलाल अहीर को भेरूलाल अहीर ने शिकस्त दी। लेहरूलाल की पत्नी पूर्व में रेलमगरा प्रधान रह चुकी हैं और उनकी मां गंगाबाई अहीर पिछली बार सरपंच थीं। इस बार खुद लेहरूलाल मैदान में थे, लेकिन जीत नहीं सके। पनोतिया में पिछले दो कार्यकाल से सरपंच रहीं रेखा सामर के पति विनोद सामर को मुबारिक ने 110 मतों से हरा दिया। वहीं कोटड़ी में सरपंच संघ अध्यक्ष रहे अभिषेक चौधरी को हरिसिंह चौहान ने पराजित किया। अभिषेक और उनकी पत्नी पिछले दो कार्यकाल से यहां सरपंच पद पर जीत दर्ज करते आ रहे थे। कुरज में चौधरी परिवार की हैट्रिक : कुरज ग्राम पंचायत में अनिल चौधरी परिवार ने लगातार तीसरी बार सरपंच पद पर जीत दर्ज की। पहले अनिल चौधरी सरपंच बने, फिर उनकी पत्नी ने पिछले कार्यकाल में 2000 से अधिक मतों से जीत हासिल की। इस बार अनिल चौधरी ने खुद चुनाव लड़कर 80 मतों से जीत दर्ज की। इस तरह परिवार का लगातार तीसरी बार सरपंच पद पर कब्जा बरकरार रहा।