राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के गठन के करीब 12 साल बाद खुद का स्थायी कर्मचारी कैडर बनने का रास्ता साफ हो गया। सेवा नियम तैयार हो गए हैं। इससे बोर्ड अपने लिए भी कर्मचारियों की भर्ती कर सकेगा। खासकर एलडीसी भर्ती में राजस्थान लोक सेवा आयोग और सचिवालय की तरह चयन बोर्ड के पद भी अलग से दर्शाए जा सकेंगे। 2014 में गठन के बाद से बोर्ड का कामकाज दूसरे सरकारी विभागों से डेपुटेशन पर आने वाले कर्मचारियों के भरोसे चल रहा है। सरकार अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति करती है, जबकि कर्मचारी दूसरे विभागों से लगाए जाते हैं। सेवा नियम बनने के बाद अब बोर्ड में स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति का रास्ता खुल गया है। 191 पद स्वीकृत, 174 पर कर्मचारी; बोर्ड के वर्ष 2025-26 के वार्षिक प्रतिवेदन के अनुसार विभिन्न श्रेणियों के कुल 191 पद स्वीकृत हैं। इनमें 174 पद भरे हुए हैं और 17 खाली हैं। प्रमुख पदों में सहायक प्रोग्रामर के 14, सूचना सहायक के 39, लिपिक ग्रेड प्रथम के 14, लिपिक ग्रेड द्वितीय के 34 और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के 38 पद शामिल हैं। एलडीसी भर्ती में बोर्ड के पद भी अलग होंगे अभी एलडीसी भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होने पर राजस्थान लोक सेवा आयोग और सचिवालय के पद अलग-अलग दर्शाए जाते हैं, क्योंकि दोनों के अपने कैडर हैं। सेवा नियम लागू होने के बाद भविष्य की एलडीसी भर्तियों में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के पद भी अलग से शामिल किए जा सकेंगे। बोर्ड के अपने सेवा नियम बन गए हैं : आलोक राज विभिन्न विभागों से आने वाले कर्मचारी मेहनत, ईमानदारी और लगन से काम करते हैं। इसी कारण बोर्ड तीन साल में रिकॉर्ड भर्तियां कर पाया है। अब बोर्ड के सेवा नियम बन गए हैं। भविष्य में होने वाली एलडीसी भर्ती में बोर्ड के लिए भी भर्ती हो सकती है। -आलोक राज, अध्यक्ष, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड