बाड़मेर | नशा मुक्त बाड़मेर अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सेड़वा क्षेत्र के सिंहानिया गांव में एक मेडिकल स्टोर पर दबिश देकर प्रतिबंधित नशीली दवाइयों का जखीरा बरामद किया। मौके से 13,015 नशीली टैबलेट जब्त की गईं और मेडिकल स्टोर संचालक को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि इलाके में अवैध रूप से नशीली दवाइयों की सप्लाई की जा रही है। इस पर एएसपी नितेश आर्य और डीएसपी जेठाराम के निर्देशन में सेड़वा थानाधिकारी प्रभुराम के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने कार्रवाई करते हुए पांचाराम पुत्र फगलुराम के मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। तलाशी के दौरान भारी मात्रा में प्रतिबंधित टैबलेट मिलीं, जिन्हें मौके पर ही जब्त कर लिया गया। पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आरोपी पांचाराम को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खिलाफ सेड़वा थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ पूर्व में भी एक आपराधिक मामला दर्ज है। पुलिस जांच में सामने आया है कि ये नशीली दवाइयां सेड़वा और आसपास के क्षेत्रों में युवाओं को सप्लाई की जा रही थीं। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर सप्लाई चैन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। नशीली दवाओं का सेवन शरीर और दिमाग दोनों पर गंभीर असर डालता है, शुरुआत में ये दवाएं राहत या नशे का एहसास देती हैं लेकिन धीरे-धीरे व्यक्ति इन पर निर्भर हो जाता है, दिमाग की कार्यक्षमता प्रभावित होती है जिससे सोचने-समझने की क्षमता, निर्णय लेने की शक्ति और याददाश्त कमजोर होने लगती है, मानसिक रूप से चिड़चिड़ापन, अवसाद, गुस्सा और व्यवहार में अस्थिरता बढ़ती है, लंबे समय तक सेवन से दिल, लिवर और किडनी पर दुष्प्रभाव पड़ता है, नींद की समस्या, कमजोरी और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी घट जाती है, युवाओं में यह लत पढ़ाई, कॅरियर और सामाजिक जीवन को प्रभावित कर उन्हें अपराध की ओर भी धकेल सकती है, गंभीर मामलों में ओवरडोज से जान तक जाने का खतरा रहता है।