पाली के बांगड़ हॉस्पिटल में इलाज के दौरान रविवार को 23 साल की प्रसूता ललिता की मौत हो गई। उसने कल (1 नवंबर) को बेटी को जन्म दिया था। मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रसव के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टरों और नर्सिंगकर्मियों ने ध्यान नहीं दिया। मृतका के पिता ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के नाम शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्रसव के बाद बिगड़ी तबीयत, रात में हुई मौत मृतका के पिता राजू पुत्र उम्मेदराम निवासी चेलावास (सोजत) ने शिकायत में बताया कि 27 अक्टूबर 2026 की सुबह उनकी 23 साल की बेटी ललिता को प्रसव पीड़ा होने पर पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया था। 1 नवंबर की दोपहर करीब 2 बजे ललिता ने बेटी को जन्म दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रसव के बाद ललिता की तबीयत बिगड़ने लगी, लेकिन डॉक्टरों और नर्सिंगकर्मियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। रात में उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार डॉक्टरों और नर्सिंगकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पिता ने CMHO के नाम दी शिकायत घटना को लेकर मृतका के पिता ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के नाम शिकायत दी। सोमवार सुबह कोतवाली पुलिस के ASI ओमप्रकाश परिहार मौके पर पहुंचे। मृतका के परिजनों ने उन्हें भी रिपोर्ट दी। इस दौरान बांगड़ हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी के बाहर बड़ी संख्या में परिजन और समाज के लोग मौजूद रहे। एक साल पहले हुई थी शादी, पहली डिलीवरी थी ललिता की शादी 8 नवंबर 2025 को चेलावास गांव निवासी परिवार में सामाजिक रीति-रिवाज से पोकरण निवासी पवन के साथ हुई थी। शादी के बाद यह उसकी पहली डिलीवरी थी। प्रसव के लिए वह अपने पीहर चेलावास आई हुई थी। प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। परिजनों ने रखीं ये मांगें मृतका के परिजनों ने मामले की जांच और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखने सहित कई मांगें रखी थी। बिना पोस्टमॉर्टम के बॉडी ले गए मामले में बांगड़ हॉस्पिटल के कार्यवाहक पीएमओ डॉ आरके विश्नोई ने बताया कि प्रसूता की प्लेट्स कम थी। संभवत: इसी कारण उनकी जान चली गई। कोतवाली पुलिस के ASI ओमप्रकाश परिहार ने बताया कि सोमवार दोपहर को समझाइश के बाद परिजन मान गए और बिना पोस्टमॉर्टम के बॉडी ले गए।