पाली के रामासिया के पास बने महाराणा प्रताप मेडिकल कॉलेज में 2026 बैच के जूनियर स्टूडेंट्स से रैगिंग की गई है। इसको लेकर नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) को भेजी गई गुमनाम शिकायत में स्टूडेंट्स ने सीनियर्स पर आरोप लगाया है। उन्होंने लिखा कि उन्हें कमरे में बुलाकर कपड़े उतारने को कहा गया और वीडियो कॉल पर डांस करवाया गया। सीनियर्स के सामने सिर झुकाकर रखने और सुबह-शाम बॉस कहकर संबोधित करने के लिए धमकाया गया। जूनियर्स ने कपड़े नहीं उतारे तो गाली-गलौज की गई। 24 अक्टूबर को यह शिकायत मिलते ही NMC ने मेडिकल कॉलेज से 24 घंटे में एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन 12 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं हो पाई है। पीड़ित छात्रों के नाम गोपनीय रखने का हवाला देकर कॉलेज प्रबंधन ने बिना कार्रवाई किए फाइल बंद कर दी। इन हालात में MBBS के पहले साल के स्टूडेंस्ट में डर बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार, छात्र ने फाइल में फोटो भी अटैच कर रखी है। 15 दिन सस्पेंड रखी क्लासें, लौटकर रैगिंग करने लगे सीनियर्स NMC के आदेश पर कॉलेज ने फर्सट ईयर में प्रवेश लेने वाले छात्रों को रैगिंग से बचाने के लिए गत 28 सितंबर से 12 अक्टूबर तक सीनियर्स की क्लासें सस्पेंड कर दी थीं। लेकिन 12 अक्टूबर के बाद मेडिकल कॉलेज में नवरात्र पर हुए डांडिया कार्यक्रम में सीनियर्स ने रैगिंग शुरू कर दी। 2022 में मुर्गा बनाकर प्राइवेट पार्ट पर लात मारी थी साल 2022 में पहली बार रैगिंग का मामला सामने आया था। तब 2018 और 2019 बैच के सीनियर्स ने 2020 बैच के स्टूडेंट्स को रात 1 बजे मुर्गा बनाकर पीटा था। कई छात्रों के प्राइवेट पार्ट्स पर लातें मारी गई थीं। इससे एक स्टूडेंट बेहोश हो गया था। कॉलेज प्रबंधन ने 2018 बैच के 14, 2019 बैच के 25 और 2020 बैच के 9 स्टूडेंट्स को स्सपेंड कर दिया था। मेल में रैगिंग करने वालों के नाम नहीं मामले में मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ओपी सुथार का कहना है कि मेल मिला है, लेकिन उसमें शिकायत करने वाले छात्रों के नाम नहीं हैं। इसलिए किस पर कार्रवाई करें? फिर भी छात्रों की सुरक्षा के लिए गार्ड को सख्त रहने के आदेश जारी किए हैं। एंटी रैगिंग कमेटी को भी अलर्ट कर दिया गया है।