दीपावली से पहले फलोदी शहर में पटाखा दुकानों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश डॉ. अजय कुमार बिश्नोई ने भीतरी शहर की संकरी गलियों में संचालित पटाखा दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान बिना लाइसेंस दुकान चलाने और सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण में 5 से 6 फीट चौड़ी गलियों में अस्थायी पटाखा दुकानें संचालित मिलीं। दुकानदार बाहर टेबल लगाकर पटाखे बेच रहे थे। जबकि नियमों के अनुसार पटाखों को गैर-ज्वलनशील सामग्री से बने बंद और सुरक्षित शेड में रखना जरूरी है। दुकानों में आग से बचाव के लिए 300 लीटर पानी, ऑटोमेटिक स्प्रिंकलर सिस्टम और अग्निशमन यंत्र (ABC और CO2) की व्यवस्था भी नहीं मिली। संकरी गलियों में नहीं मिलेगी पटाखा दुकान लगाने की अनुमति डॉ. बिश्नोई ने लाइसेंस कमेटी को निर्देश दिए कि पटाखा दुकान का लाइसेंस जारी करने से पहले मौके पर जाकर सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जाए। उन्होंने स्थानीय पुलिस और उपखंड अधिकारियों को नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और सामान जब्त करने के निर्देश दिए। संकरी गलियों में पटाखा दुकानों को अनुमति नहीं देने और उन्हें खुले मैदान में शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। अतिक्रमण हटाया, 22 वाहनों के चालान काटे निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर जयनारायण व्यास सर्किल के पास सड़क पर सब्जी के ठेले और दुकानों के बाहर रखी टेबलों से यातायात बाधित होता मिला। बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण मुख्य मार्ग पर अक्सर जाम की स्थिति बन रही थी। इस पर पुलिस और यातायात पुलिस की मदद से सड़क से अतिक्रमण हटवाया गया। सब्जी के ठेलों को नगर परिषद की ओर से निर्धारित स्थान पर भेजा गया, जबकि कुछ ठेले जब्त किए गए। यातायात पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वाले 22 वाहनों के चालान भी काटे। प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य भीतरी शहर में यातायात सुचारू करने के साथ पटाखा दुकानों में आगजनी जैसी दुर्घटना होने पर नगर परिषद की फायर ब्रिगेड को मौके तक पहुंचने के लिए रास्ता उपलब्ध कराना है।