फलोदी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने आज पथ संचलन निकाला। घोष की ध्वनि के साथ स्वयंसेवकों ने नगर के प्रमुख मार्गों से कदमताल की। व्यवसायियों और महिलाओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। पथ संचलन के बाद हुए मुख्य कार्यक्रम में शस्त्र पूजन किया गया। मुख्य अतिथि चंपालाल गुचिया ने संघ के सेवा कार्यों की प्रशंसा की। शस्त्र पूजन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर चर्चा की मुख्य वक्ता शान्ति प्रसाद, प्रांत सद्भावना प्रमुख ने शस्त्र पूजन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर बात की। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज के लिए आत्मरक्षा और सुरक्षा में शस्त्रों का महत्व समझना जरूरी है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रभक्त महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित में काम करने की अपील की। शान्ति प्रसाद ने कहा कि संघ का काम दैवीय है और स्वयंसेवक सर्वस्व समर्पित करने की भावना से काम करते हैं। उन्होंने हिंदू धर्म की प्राचीन परंपराओं में शस्त्र पूजन के महत्व और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सौ साल की यात्रा का जिक्र किया। संघ की स्थापना के उद्देश्य के बारे में दी जानकारी उन्होंने संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन, संघ की स्थापना के उद्देश्य और संगठन के काम के बारे में भी बताया। उन्होंने युवाओं और हिंदू समाज से राष्ट्र निर्माण और सामाजिक समरसता के कामों में सक्रिय भागीदारी करने और संघ से जुड़ने की अपील की। कार्यक्रम में जिला संघचालक कन्हैयालाल व्यास मंच पर मौजूद रहे। नगर संघचालक भंवरलाल सोलंकी ने आभार जताया।