फलोदी जिले की 305 ग्राम पंचायतों के नवनिर्वाचित सरपंच अगले पांच साल के लिए गांवों की विकास योजना तैयार करेंगे। इसको लेकर मंगलवार को नगर परिषद टाउन हॉल में जिले की सभी नौ पंचायत समितियों के सरपंचों की कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला में सरपंचों को पंचायतों के अधिकारों और जिम्मेदारियों, ग्रामसभा की भूमिका, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और पंचायतों की आय बढ़ाने के तरीकों की जानकारी दी गई। पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सोलर प्लांट और आटा चक्की लगाने के सुझाव भी दिए गए। अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौतम चौधरी, अतिरिक्त विकास अधिकारी महेंद्र जोशी और सहायक विकास अधिकारी माणक राम पालीवाल ने पंचायत स्तर पर विकास कार्य कराने की प्रक्रिया समझाई। अधिकारियों ने पंचायतों की जरूरतों के अनुसार प्राथमिकताएं तय करने और ग्रामीणों की भागीदारी से पांच साल की विकास योजना तैयार करने पर जोर दिया। सोलर प्लांट और आटा चक्की से बढ़ाएं पंचायत की आय कार्यशाला में पंचायतों को राज्य और केंद्रीय वित्त आयोग से मिलने वाले बजट की जानकारी दी गई। साथ ही स्वयं की आय के स्रोत विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। गौतम चौधरी ने कहा कि ग्राम पंचायतें सोलर प्लांट लगाने, आटा चक्की संचालित करने और पट्टा वितरण जैसी गतिविधियों के माध्यम से अपनी आय बढ़ा सकती हैं। इससे विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे और पंचायतें आर्थिक रूप से मजबूत बन सकेंगी। ग्राम विकास अधिकारियों की बैठक लेकर दिए निर्देश सरपंचों की कार्यशाला से पहले पंचायत समिति सभागार में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौतम चौधरी की अध्यक्षता में जिले के ग्राम विकास अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें सभी 305 ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर ग्राम विकास अधिकारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नवनिर्वाचित सरपंचों के साथ समन्वय स्थापित कर गांवों की जरूरतों के अनुरूप विकास कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया।