झालावाड़| पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के सदुपयोग का संदेश अब जेल की चारदीवारी के भीतर भी पहुंच रहा है। अंतरराष्ट्रीय सतत जीवनशैली सप्ताह (1 से 7 नवंबर) के तहत जिला कारागृह झालावाड़ में बंदियों, प्रहरी और प्रशासनिक कर्मचारियों के लिए जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में बंदियों एवं जेल स्टाफ ने जल और ऊर्जा संरक्षण का संकल्प लिया। जेल अधीक्षक रोहित कौशिक ने बताया िक इस पहल के तहत बंदियों को पानी का मितव्ययता से उपयोग करने, भोजन की बर्बादी रोकने तथा पानी और बिजली के अनावश्यक इस्तेमाल से बचने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही दैनिक जीवन में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया जा रहा है। जल और ऊर्जा संरक्षण केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि जिम्मेदार जीवनशैली का हिस्सा है। नल खुला नहीं छोड़ना, बिजली का अनावश्यक उपयोग रोकना और भोजन व्यर्थ नहीं करना जैसे छोटे प्रयास बड़े बदलाव की नींव बन सकते हैं। जेल प्रशासन की यह पहल बंदियों को सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक जीवन मूल्यों से जोड़ने का प्रयास है। कारागृह में बंदियों को सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए योग, ध्यान और मानसिक एकाग्रता का अभ्यास कराया जा रहा है। इसके साथ ही स्वच्छता अभियान और बिजली बचत के लिए भी बंदियों का सहयोग लिया जा रहा है। अनावश्यक बिजली खपत रोककर स्वच्छ व ऊर्जा संरक्षण आधारित वातावरण तैयार करने की पहल की जा रही है।