राहुल गांधी ने फिर पीएम मोदी को बहस का चैलेंज दिया है। उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया पर 1.50 मिनट के वीडियो में कहा, ‘24 घंटे हो गए मोदी जी। मैंने आपको चैलेंज दिया है। आप कहते हो कि विपक्ष देशद्रोही है। किसी भी स्टेज पे आप जगह चुनिए, डिबेट कीजिए मेरे साथ।’ राहुल ने कहा- देशद्रोही कौन है? विदेशी फोर्सेस का कनेक्शन किसका है? और किस प्रकार का कनेक्शन है? जल्दी से जल्दी कीजिए, डरिए मत। सवाल उठेंगे फाइनेंशियल सिस्टम पर, फाइनेंशियल स्ट्रक्चर पर, US डील कैसे हुई, क्यों हुई, इतनी जल्दी क्यों हुई, सिर्फ आपने क्यों की, कैबिनेट को क्यों नहीं बताया, अडाणी का केस बंद क्यों हुआ, एपस्टीन - ऐसी बहुत सारी चीजें हैं जिस पर खुलकर डिस्कशन होगा। आ जाइए, डरिए मत। उधर, गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, 'मैं कहना चाहता हूं कि नरेंद्र मोदी सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, संसद चलने दो। हम विशेष सत्र बुलाकर SIR पर चर्चा के लिए तैयार हैं।' राहुल बोले- मुझ पर मानहानि के 45 केस राहुल ने कहा, ‘बाकी चीजों पे आपने डिफेमेशन केस लगा रखा है, शायद 45 डिफेमेशन केस मेरे ऊपर हैं। मगर इस डिबेट मामले पर, फॉरेन कनेक्शन पर आप डिफमेशन नहीं लगा रहे हो। लगाइए ना, वहां भी डिस्कस करेंगे, खुल के। ये सब डिस्कस करते हैं, आइए। हैप्पी दिवाली, मोदी जी।’ शाह ने कहा- सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार गृह मंत्री अशाह ने छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में कहा कि राहुल गांधी ने नकली संसद बनाकर असली संसद का मखौल उड़ाया। चर्चा का नाटक किया। हिम्मत है तो संसद में देश की जनता के सामने चर्चा करके दिखाइए। हाथ में संविधान लेकर घूमने से संविधान का समर्थन नहीं होगा। आचरण संवैधानिक होना चाहिए। राहुल ने सोशल मीडिया पर करवाई वोटिंग वीडियो पोस्ट करने के बाद राहुल ने एक पोल शुरू किया है। इसमें उन्होंने भारत के युवाओं, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, शिवराज चौहान, योगी आदित्यनाथ को टैग किया है। इसके साथ उन्होंने लिखा है कि आप हमेशा प्रधानमंत्री की भलाई के बारे में सोचते हैं, कृपया उन्हें आने के लिए मनाएं। राहुल ने पोल का सवाल लिखा है- क्या आप राहुल गांधी बनाम नरेंद्र मोदी के बीच एक खुली बहस देखना चाहते हैं। इसके ऑप्शन में लिखा है- पहला हां, मोदी जी डरो मत, दूसरा नहीं, मोदी जी डर गए। वित्त मंत्री बोलीं- बहस से लिए जगह पहले से तय है राहुल के जवाब में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने X पर लिखा- आप प्रधानमंत्री से बहस की जगह तय करने को कहते हैं, जबकि बहस के लिए संसद की जगह तय है, जहां आप खुद विपक्ष के नेता हैं। उन्होंने कहा कि कल ही गृह मंत्री अमित शाह ने SIR और EVM पर बहस के लिए विशेष सत्र का प्रस्ताव दिया है। सोशल मीडिया पर चुनौती देते समय आप जितना जोश दिखाते हैं, वही जोश संसद में बहस के लिए क्यों नहीं दिखाते? राहुल अब तक 4 बार पब्लिकली बहस की चुनौती दे चुके 1. अगस्त 2018- राफेल पर: कर्नाटक के बेलगाम में जनध्वनि रैली में - "मोदी जी और मेरे बीच राफेल पर बहस करा दो, मैं घंटों बोलूंगा"। 2. जनवरी 2019 - राफेल पर 20 मिनट वाली बहस का चैलेंज: लोकसभा में - "मुझे PM के साथ 20 मिनट वन टु वन बहस करने दो, US प्रेसिडेंशियल डिबेट की तरह"। साथ ही कहा था कि PM में हिम्मत नहीं है। 3. अप्रैल 2019- भ्रष्टाचार पर: मेनिफेस्टो लॉन्च के बाद और फिर 7 अप्रैल को - मोदी के एक इंटरव्यू के बाद ट्वीट किया - "आप भाग सकते हैं, लेकिन छिप नहीं सकते, मैं आपको भ्रष्टाचार पर बहस की चुनौती देता हूं"। 4. 2024 चुनाव से पहले - पूर्व जस्टिसों का चैलेंज: राहुल समेत विपक्ष ने पूर्व जजों (मदन लोकुर, एपी शाह) के जरिए PM को लेटर लिखकर नेशनल सिक्योरिटी, अडानी, इलेक्टोरल बॉन्ड पर डिबेट को कहा था, जिसे PMO ने इग्नोर किया। ------------------- ये खबर भी पढ़ें… राहुल बोले- मोदी विदेशी मदद से पीएम बने: और अब भी उसी मदद से बने हुए हैं; भाजपा बोली- राहुल विदेशी ताकतों के हाथों इस्तेमाल हो रहे राहुल गांधी ने सोमवार को सोशल मीडिया X पर पोस्ट की। उन्होंने लिखा कि नरेंद्र मोदी विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने और उन्हीं की मदद से प्रधानमंत्री बने हुए हैं। वहीं, भाजपा देशभर में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान चला रही है। इसी कड़ी में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कोलकाता में रैली की। यहां उन्होंने कहा कि विदेशी ताकतें देश में अस्थिरता लाना चाहती हैं। इसके लिए राहुल गांधी का इस्तेमाल किया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर…