राजस्थान के पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने दीपावली पर लोगों से गोबर और मिट्टी से बने दीये व सजावटी सामान इस्तेमाल करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि स्थानीय कारीगरों और ग्रामीण महिलाओं के बनाए उत्पाद खरीदने से उन्हें रोजगार मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर देवस्थान विभाग के प्रमुख मंदिरों की सजावट और लाइटिंग के लिए राज्य सरकार ने बजट जारी किया है। गोबर और मिट्टी के दीये अपनाने का किया आह्वान मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि दीपावली पर घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सजावट के लिए गाय के गोबर और मिट्टी से बने दीयों व पारंपरिक कलाकृतियों का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' के संकल्प को साकार करने में आमजन की भागीदारी महत्वपूर्ण है। गोबर से बने उत्पादों और मिट्टी के दीयों को अपनाने से संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने के साथ स्थानीय कारीगरों, ग्रामीण महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को रोजगार और आर्थिक संबल मिलेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। प्रमुख मंदिरों की सजावट के लिए बजट जारी मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस बार दीपावली पर देवस्थान विभाग के अधीन आने वाले प्रमुख मंदिरों की विशेष सजावट और आकर्षक लाइटिंग के लिए राज्य सरकार की ओर से बजट जारी किया गया है। इससे प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर दीपावली की रौनक बढ़ेगी। धार्मिक पर्यटन को मिल रहा बढ़ावा कुमावत ने कहा कि राज्य सरकार पिछले कुछ वर्षों से प्रदेश के आराध्य देवों और प्रमुख मंदिरों की सजावट के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इससे धार्मिक स्थलों पर त्योहारों की रौनक बढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की आस्था को भी नया उत्साह मिल रहा है। साथ ही प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार की दीपावली स्वदेशी उत्पादों के उपयोग, पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने का माध्यम बनेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से स्थानीय कारीगरों और उत्पादकों के बनाए सामान खरीदकर दीपावली की खुशियां साझा करने की अपील की।