राज्य सरकार ने 9वीं से 12वीं तक पढ़ाई जाने वाली ‘राजस्थान इतिहास’ की चार किताबों को सिलेबस से हटा दिया है। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने किताबें हटाने की सिफारिश की थी। ये चारों पुस्तकें सत्र 2020-21 में कांग्रेस सरकार के दौरान लागू की गई थीं, तब एनसीईआरटी सिलेबस के साथ हर कक्षा में राजस्थान के इतिहास और संस्कृति से जुड़ी अतिरिक्त किताब जोड़ी गई थी। हालांकि, इनकी परीक्षा नहीं होती थी। समाज शिक्षा के उप निदेशक अशोक पारीक के अनुसार, इन पुस्तकों को हटाने का प्रस्ताव शिक्षा बोर्ड से मिला था। “चार पुस्तकों को विलोपित करना सोच को नियंत्रित करने की साजिश है। किताबों को बंद करने के पीछे भाजपा का मकसद प्रदेश की पूरी एक पीढ़ी को आधा-अधूरा सच से वंचित करना है।” -गोविंद सिंह डोटासरा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष