एम. असलम पंचायती राज चुनाव में पंचायत समितियों के प्रधान पद का आरक्षण प्रत्याशियों के चयन से लेकर राजनीतिक दलों की रणनीति तक को प्रभावित कर रहा है। टोंक पंचायत समिति में प्रधान का पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित है। इस कारण कांग्रेस और भाजपा, दोनों ने महिला प्रत्याशियों पर भरोसा जताया है। टोडारायसिंह में प्रधान पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है। निवाई में यह पद ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित है। यहां जातीय समीकरण और दावेदारों की सक्रियता चुनाव को रोचक बना रही है। टोंक पंचायत समिति के 17 वार्डों में महिला प्रत्याशियों की संख्या पुरुषों से अधिक है। कांग्रेस ने 17 में से 13 सीटों पर महिलाओं को टिकट दिया है। भाजपा ने 12 महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारा है। प्रधान पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित है। इस कारण दोनों दलों ने महिला प्रत्याशियों को प्राथमिकता दी है। यहां पांच वार्डों में सीधा मुकाबला है। हालांकि अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। 6 नवंबर को नाम वापसी के बाद अंतिम सूची जारी होगी। कांग्रेस ने वार्ड 11 से पूर्व डीआर और सीआर रह चुकीं कैलाशी देवी मीणा को फिर मौका दिया है। वे टोंक ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष भी हैं। पूर्व प्रधान सुनीता देवी भी कांग्रेस की प्रत्याशी हैं। उनके पति हंसराज फागणा सचिन पायलट के करीबी माने जाते हैं। वे सरपंच संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष देवकरण गुर्जर की पुत्रवधू अल्का गुर्जर भी चुनाव मैदान में हैं। वे स्वयं सीआर रह चुकी हैं। भाजपा ने महिला मोर्चा की पूर्व जिलाध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता रमा चौधरी को वार्ड 3 से प्रत्याशी बनाया है। भाजपा ने महिलाओं को प्राथमिकता दी है। उसने नए चेहरों को भी अधिक अवसर दिए हैं। टोडारायसिंह: सामान्य वर्ग में प्रधान पद, 72 प्रत्याशी मैदान में : टोडारायसिंह पंचायत समिति में प्रधान का पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है। यहां 19 सदस्यों के लिए चुनाव हो रहा है। भाजपा ने 11 और कांग्रेस ने 9 महिलाओं को प्रत्याशी बनाया है। कुल 72 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। भाजपा की ओर से पूर्व उपप्रधान गोपाल सिंह को प्रधान पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। वे लंबे समय से पार्टी में सक्रिय हैं। कांग्रेस में वरिष्ठ नेता सचिन पायलट के करीबी माने जाने वाले कैप्टन धन्नालाल की दावेदारी मजबूत बताई जा रही है। यहां मुकाबला केवल वार्डों तक सीमित नहीं है। चुनाव परिणाम के बाद प्रधान पद के लिए राजनीतिक जोड़-तोड़ भी अहम होगी। निवाई में ओबीसी आरक्षण से गुर्जर-जाट समीकरण पर नजर : निवाई पंचायत समिति में प्रधान का पद ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित है। यहां 29 सदस्यों के लिए 63 महिला और 68 पुरुष प्रत्याशी मैदान में हैं। कुल 131 प्रत्याशी हैं। भाजपा की ओर से पूर्व प्रधान रामवतार लांगड़ी, देवराज गुर्जर व रामकिशोर बेनीवाल को दावेदार माना जा रहा है। कांग्रेस में अनिता गुर्जर और हंसराज की दावेदारी चर्चा में है। ओबीसी आरक्षण के चलते गुर्जर और जाट समुदाय के राजनीतिक समीकरण महत्वपूर्ण हो गए हैं। परिणाम के बाद इन समुदायों के बीच प्रधान पद के लिए मुकाबला देखने को मिलेगा।