बाड़मेर-चौहटन मार्ग पर गुरुवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होने से टल गया। गुरुवार सुबह करीब 8 बजे बाड़मेर से चौहटन की ओर जा रही रोडवेज जब बलाऊ फांटा के पास पहुंची, तो एक पिकअप गाड़ी ने ओवरटेक करने का प्रयास किया। पिकअप ने अचानक इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। पिक अप को बचाने के लिए रोडवेज चालक ने भी इमरजेंसी ब्रेक लगाए। लेकिन ब्रेक फेल हो गए और बस असंतुलित हो गई। अचानक लगे झटके से बस चालक अपनी सीट से उछलकर केबिन में गिर गया। तभी रोडवेज की स्टेयरिंग पास ही बैठे पुलिस कांस्टेबल ने स्टेयरिंग संभाली। उसने बस को करीब 100 फीट तक झाड़ियों में ले जाकर रोका। इससे 40 सवारियों की जान बच गई। इस दौरान सामने से एक डंपर भी आ रहा था, यदि समय रहते जेठाराम स्टेयरिंग नहीं संभालते तो बस डंपर से भिड़ जाती। "मैं रोडवेज बस से सुबह 8 बजे चौहटन जा रहा था। ओपन केबिन के कारण मैं ड्राइवर के पास ही बैठा था। बलाऊ फांटा के पास एक पिकअप गाड़ी ने तेज रफ्तार से बस को ओवरटेक किया। उसने अचानक ब्रेक लगाए। रोडवेज चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाए। ब्रेक फेल हो गए। अचानक लगे झटके से चालक सीट के पास बैठी दूसरी सवारियों पर गिर गया। बस सड़क से नीचे उतरकर बड़े गड्ढ़े की तरफ बढ़ रही थी। तभी मैंने हिम्मत जुटाई। मैंने स्टेयरिंग संभाली। बस को नियंत्रित करने का प्रयास किया। ब्रेक लगाए, पर वे नहीं लगे। ऐसे में मैं बस को सड़क किनारे बबूल की झाड़ियों के ऊपर से करीब 100 फीट तक समतल इलाके में ले गया। बस में 40 से ज्यादा सवारियां थीं। इसके बाद मैंने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। इस हादसे में किसी को गंभीर चोट नहीं लगी। बड़ा हादसा होने से बच गया।" - जेठाराम, कांस्टेबल, राजस्थान पुलिस