सलूम्बर में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती और जनजाति गौरव दिवस पर राजकीय जनजाति बालिका आवासीय विद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें छात्राओं ने जनजातीय लोकनृत्य, गीत और कविताओं की प्रस्तुतियां दीं। जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनैद ने कार्यक्रम में शामिल होकर छात्राओं को दीपावली के उपहार दिए। समारोह में सेवानिवृत्त उपनिदेशक महेशचंद्र आमेटा मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे। विद्यालय पहुंचने पर कलेक्टर और मुख्य वक्ता का पारंपरिक जनजातीय रीति-रिवाजों से स्वागत किया गया। बिरसा मुंडा के संघर्ष और योगदान को किया याद कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं जिला नोडल अधिकारी मधुकर वरनोती के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कहा कि जनजाति गौरव दिवस जनजातीय समाज की परंपराओं, पहचान और राष्ट्र निर्माण में योगदान को सम्मान देने का अवसर है। भगवान बिरसा मुंडा का संघर्ष और बलिदान नई पीढ़ी को प्रेरित करता है। मुख्य वक्ता महेशचंद्र आमेटा ने बिरसा मुंडा के जीवन संघर्ष और अंग्रेजी शासन के खिलाफ उनके आंदोलन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा ने जल, जंगल, जमीन और जनजातीय पहचान की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उन्होंने छात्राओं से अपनी संस्कृति पर गर्व करने के साथ आधुनिक शिक्षा, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया। कलेक्टर ने छात्राओं को दिए आगे बढ़ने के टिप्स कलेक्टर मुहम्मद जुनैद ने छात्राओं से ऊंचे लक्ष्य तय करने और अनुशासन, आत्मविश्वास व मेहनत के साथ आगे बढ़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि शिक्षा सकारात्मक बदलाव का सशक्त माध्यम है। छात्राएं अपनी प्रतिभा को पहचानें और उपलब्ध अवसरों का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनें। विद्यालय और छात्रावास का किया निरीक्षण कार्यक्रम के बाद कलेक्टर ने विद्यालय और छात्रावास का निरीक्षण किया। उन्होंने पढ़ाई, रहने की व्यवस्था, भोजन और बुनियादी सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही छात्राओं से उनकी पढ़ाई और दिनचर्या के बारे में भी पूछा। कार्यक्रम में सहायक नोडल अधिकारी दीपक शर्मा, संचालनकर्ता नरेश चाष्टा सहित विद्यालय के शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे। अंत में दीपक शर्मा ने आभार जताया।