सलूम्बर में चुनाव प्रक्रिया को समावेशी और सुगम बनाने के लिए उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. दिनेश राय सापेला की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें जिले की सभी पंचायत समितियों में चिन्हित दिव्यांग और पीडब्ल्यूडी (PWD) मैप्ड मतदाताओं की पंचायत समिति एवं बूथवार स्थिति की समीक्षा की गई। डॉ. सापेला ने अधिकारियों को अपने-अपने सेक्टर के दिव्यांग मतदाताओं से पहले ही संपर्क कर उनकी जरूरतों की जानकारी लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदान के दिन किसी भी मतदाता को आने-जाने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, बीएलओ और सुपरवाइजर आपसी समन्वय से काम करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर सेक्टर प्रभारी वाहन की व्यवस्था भी करेंगे। मतदान केंद्रों पर मिलेंगी विशेष सुविधाएं मतदान केंद्रों पर रैंप, व्हीलचेयर और स्वयंसेवकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। दिव्यांग मतदाताओं को प्राथमिकता के आधार पर मतदान की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही ब्रेल लिपि में मतदाता पर्ची और आवश्यक संकेतक भी उपलब्ध रहेंगे। भारत स्काउट एवं गाइड के स्वयंसेवक दिव्यांग मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाने, कतार में सहायता करने और मतदान प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग करेंगे। वहीं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता विशेष योग्यजन मतदाताओं से संपर्क कर उन्हें मतदान के लिए प्रेरित करेंगे और आवश्यक मदद उपलब्ध कराएंगे। शारीरिक अक्षमता मतदान में बाधा नहीं बने : डॉ. सापेला उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. दिनेश राय सापेला ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती प्रत्येक मतदाता की भागीदारी से होती है। प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी दिव्यांग मतदाता केवल शारीरिक अक्षमता के कारण अपने मताधिकार का प्रयोग करने से वंचित न रहे। उन्होंने सभी अधिकारियों और कार्मिकों को संवेदनशीलता, सेवा भावना और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में समाज कल्याण अधिकारी ममता जाखड़, निर्वाचन कार्यालय के अधिकारी, सेक्टर प्रभारी, सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधि सहित संबंधित कार्मिक मौजूद रहे।