जनगणना निदेशालय और राज्य सरकार के निर्देश पर 16वीं जनगणना 2027 के तहत द्वितीय चरण के काम के लिए चार्ज स्तर के नियमित सहायक और तकनीकी सहायकों का दो दिन का व्यवहारिक प्रशिक्षण मंगलवार से जिला परिषद सभागार में शुरू हुआ। जिला जनगणना अधिकारी और अतिरिक्त जिला कलेक्टर रवीन्द्र कुमार ने कहा कि इस बार जनगणना डिजिटल होगी। स्व-गणना 10 जनवरी से 24 जनवरी तक प्रस्तावित है। इसके बाद प्रगणक 25 जनवरी से 28 फरवरी तक घर-घर जाकर जनगणना करेंगे। 1 से 5 मार्च तक पुनरीक्षण चरण प्रस्तावित है। कुमार ने कर्मचारियों को जनगणना का काम गंभीरता से करने के निर्देश दिए। उप जिला जनगणना अधिकारी और आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के उप निदेशक डॉ. केबी खंडेलवाल ने नियमित और तकनीकी सहायकों को सीएमएमएस पोर्टल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल नवाचार के तहत नागरिकों को स्व-गणना की सुविधा दी जाएगी। 10 से 24 जनवरी के बीच लोग पोर्टल या एप से अपनी जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 25 जनवरी से प्रगणक शेष परिवारों का डेटा लेने और सत्यापन के लिए फील्ड में जाएंगे। खंडेलवाल ने जनगणना में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों की जानकारी दी। द्वितीय चरण के तकनीकी पहलू बताए। पहले दिन द्वितीय चरण की जानकारी दी गई। जनगणना कार्य के लिए नियुक्त अधिकारियों, कर्मचारियों, अन्य स्टाफ के प्रशासनिक दायित्व समझाए गए। सीएमएमएस पीई मॉड्यूल के तहत ईबी बनाना सिखाया गया। प्रशिक्षण मॉड्यूल कराया गया। एचएलबी से ईबी ब्लॉक बनाना बताया गया। स्व-गणना की प्रक्रिया का सैद्धान्तिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त निदेशक कमलेश कुमार, जिला समन्वयक दीपक सिराधना, लोकेश कुमार, जिला जनगणना सेल के सहायक सांख्यिकी अधिकारी कैलाश ओझा, अशोक कुमार, संगणक विक्रम पन्नू, प्रगति प्रसार अधिकारी अविनाश वर्मा, मनोहर लाल मौजूद रहे।