एक ही कंपनी से 40 विला-कॉटेज खरीदने के मामले में IAS शिखर अग्रवाल को सरकार ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कार्मिक विभाग ने कारण बताओ नोटिस पर एक सप्ताह में जवाब देने को कहा है। इधर, शिखर अग्रवाल ने जिस कंपनी से विला खरीदे उसके सभी सरकारी फायदों पर एसीबी जांच होने तक रोक लगा दी है। 30 अक्टूबर को जारी किए गए नोटिस में भास्कर खुलासे के जिक्र के साथ IPS पत्नी प्रशाखा माथुर के नाम खरीदे गए विला को प्रॉपर्टी रिटर्न में नहीं दिखाने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। दैनिक भास्कर ने 27 अक्टूबर आईएएस शिखर अग्रवाल, आईपीएस पत्नी प्रशाखा माथुर, दोनों बेटों और सास-ससुर के एक ही कंपनी से 40 कॉटेज-विला खरीदने का खुलासा किया था। भास्कर खुलासे के बाद शिखर और प्रशाखा को उनके पदों से हटाकर एपीओ किया जा चुका है। शिखर अग्रवाल के खिलाफ एसीबी शनिवार (31 अक्टूबर) को ही पीई दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर चुकी है। कंपनी को मिलने वाले सरकारी फायदों पर रोक लगाई शिखर अग्रवाल और उनकी पत्नी प्रशाखा माथुर ने जिस कंपनी से 40 विला और कॉटेज खरीदे उसको निवेश प्रोत्साहन योजना के तहत मिलने वाले सरकारी फायदों पर रोक लगा दी है। गोयल फैशन्स प्रा. लि. को मंजूर सरकारी लाभों पर एसीबी की प्रारंभिक जांच पूरी होने तक रोक लगाई गई है। कंपनी को जांच पूरी होने तक मिलेगा निवेश प्रोत्साहन और किसी छूट का लाभ नहीं होगा। सीएम के निर्देशों के बाद आयुक्त उद्योग वाणिज्य कार्यालय ने इसके आदेश जारी किए हैं। एसीबी ने कई विभागों से मांगी जानकारी आईएएस शिखर अग्रवाल और उनकी आईपीएस पत्नी प्रशाखा माथुर को एसीबी जल्द नोटिस जारी कर बुलाने की तैयारी में है। एसीबी ने सोमवार को उदयपुर कलेक्टर और सब-रजिस्ट्रार, अलवर सब-रजिस्ट्रार को नोटिस जारी किए। इनसे जानकारी मांगी गई है। वहीं DOP को नोटिस जारी कर IR और जीए 55 (प्रॉपर्टी रिटर्न) की पूरी जानकारी मांगी गई है। साथ ही इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से भी ITR (इनकम टैक्स रिटर्न) की जानकारी मांगी गई है (पूरी खबर पढ़ें) जिस कंपनी से 40 विला-कॉटेज खरीदे, उसे ही लीज पर दिए आईएएस शिखर अग्रवाल, आईपीएस पत्नी प्रशाखा माथुर और परिवार ने गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड से अलवर के अजबगढ़ में 20 विला और उदयपुर के बुझड़ा में 20 कॉटेज खरीदे थे। सभी को खरीदने में 6 करोड़ 16.5 लाख रुपए खर्च हुए। खरीद के साथ ही ये सभी विला-कॉटेज उसी कंपनी को लीज पर दे दिए, जिससे खरीदे थे। बुझड़ा के 20 कॉटेज 4 लाख प्रति कॉटेज और अजबगढ़ के 20 विला 5 लाख रुपए प्रति विला सालाना के हिसाब से कंपनी को लीज पर दिए। यानी हर साल लीज से मिलने वाली रकम 1.80 करोड़ रुपए है। अलवर वाले 14 कॉटेज-विला का प्रॉपर्टी रिटर्न में ब्योरा नहीं दिया अलवर के अजबगढ़ वाले विला की सालाना प्रॉपर्टी रिटर्न में जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि शिखर अग्रवाल ने दावा किया था कि उनकी तरफ से पूरा ब्योरा प्रॉपर्टी रिटर्न में दिया गया, लेकिन विभाग ने रिकॉर्ड में अपडेट नहीं किया। शिखर-प्रशाखा के नाम बुझड़ा और अजबगढ़ में कुल 28 विला-कॉटेज हैं, लेकिन सालाना इम्मूवेबल प्रॉपर्टी रिटर्न (IPR) में 14 ही दर्ज हैं। शिखर ने अपने सभी 14 विला-कॉटेज की जानकारी इसी साल 7 जनवरी को भरे आईपीआर में दी है। प्रशाखा की ओर से 8 जनवरी 2026 को भरे आईपीआर में प्रॉपर्टी की सूचना शून्य है, जबकि बुझड़ा और अजबगढ़ में उन्होंने 14 विला-कॉटेज खरीदे हैं। शिखर के जवाब के बाद कार्मिक विभाग फैसला करेगा कार्मिक विभाग प्रॉपर्टी से जुड़े मामले में शिखर अग्रवाल के जवाब के बाद आगे एक्शन लेने की सिफारिश कर सकता है। प्रॉपर्टी का ब्योरा छुपाना सेवा नियमों का साफ उल्लंघन है। ऐसे में दोनों के खिलाफ सेवा नियमों के उल्लंघन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। सरकार आगे निलंबित भी कर सकती है। … ये खबर भी पढ़ें… शिखर अग्रवाल के बाद उनकी पत्नी IPS प्रशाखा माथुर एपीओ:एक ही कंपनी से 40 विला खरीद मामले में ACB कर सकती है पूछताछ 40-विला खरीद में IAS शिखर अग्रवाल की जांच करेगी ACB:पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी; पद का दुरुपयोग कर कंपनी को गलत फायदा पहुंचाया विला-कॉटेज खरीद मामला,IAS शिखर अग्रवाल को सभी पदों से हटाया:IPS पत्नी के साथ खरीदी थी प्रॉपर्टी, फिर उसी कंपनी को लीज पर दी क्यों गिरी शिखर अग्रवाल पर गाज?:33 साल की नौकरी में पहली बार एपीओ, सरकार का क्लियर मैसेज, क्या संपत्ति खरीदना गलत? आसान सवालों में जानिए गहलोत बोले- शिखर अग्रवाल की CBI-ED से जांच करवाएं:एपीओ करने से काम नहीं चलेगा; सरकार के 3 साल में यह सबसे बड़ा घोटाला