शिव सेना जालोर के जिला प्रमुख रूपराज पुरोहित के नेतृत्व में जिला कलेक्टर जालोर को ज्ञापन सौंपकर ग्राम चरली, तहसील आहोर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में कथित पक्षपात, राजनीतिक दबाव एवं प्रशासनिक अनियमितताओं की एडीएम स्तर के अधिकारी से निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की गई। ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम चरली में लगभग 420 व्यक्तियों को अतिक्रमण संबंधी नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई केवल एक परिवार के मकान को बुलडोजर चलाकर तोड़ने तक सीमित रही। इससे ग्रामीणों में निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं और कार्रवाई को लेकर राजनीतिक दबाव और प्रभाव की आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं। जिला प्रमुख रूपराज पुरोहित ने कहा कि ग्राम चरली एक प्राचीन एवं स्थापित बस्ती है, जहां सालों से लोग निवास कर रहे हैं। ऐसे में केवल वर्तमान सड़क चौड़ाई या बसावट को आधार बनाकर किसी एक व्यक्ति को निशाना बनाना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की एडीएम स्तर पर निष्पक्ष जांच करवाई जाए और राजस्व रिकॉर्ड, नक्शे, सीमांकन अभिलेख एवं बसावट संबंधी दस्तावेजों का परीक्षण कराया जाए। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि यदि जांच में किसी जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बिना किसी भेदभाव के सभी व्यक्तियों पर समान रूप से लागू की जाए। शिव सेना ने प्रशासन से मामले में शीघ्र एवं निष्पक्ष कार्रवाई कर ग्रामीणों को न्याय दिलाने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने के दौरान उपस्थित पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता इस अवसर पर जिला प्रमुख रूपराज पुरोहित, जालोर शहर प्रमुख मिश्रीमल, जालोर शहर उप प्रमुख पुनमाराम, शहर सचिव कैलाश माली, जिला कार्यकारिणी सदस्य गणेश बाजक, राणाराम देवासी, कमलेश माली सहित बड़ी संख्या में शिव सैनिक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।