सीकर में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) रिन्यूअल करवाने के नाम पर 1.73 लाख रुपए ठगने के मामले में आरोपी को कोतवाली थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी महेश बाजिया (31) पुत्र श्रवण कुमार निवासी लाखनी सीकर 2 साल से फरार था, जो जयपुर में रहकर केंगन वाटर (वाटर प्यूरीफायर) की मशीन लगाने का काम कर रहा था। सीकर में गुरुवार को आते ही पुलिस ने उसे दबोच लिया। SHO सुनील कुमार जांगिड़ ने बताया- साल 2024 में पुलिस थाने में सीकर के बिरानिया निवासी सतवीर ने मुकदमा दर्ज करवाया था। इसमें बताया कि सीकर में फागलवा पेट्रोल पंप के पास स्थित IDBI बैंक से सतवीर ने किसान क्रेडिट कार्ड लिया था। कोरोना काल में एजेंट महेश ने किसान क्रेडिट कार्ड रिन्यूअल करवाने के नाम पर 1.73 लाख रुपए निकालकर रामकरण के खाते में ट्रांसफर किया और फिर उन्हें निकाल लिया। रामकरण, सतवीर का भतीजा था। जब उसके पास मैसेज आया तो उसे इस बारे में पता चला। मामला दर्ज करके जांच शुरू की। आरोपी की तलाश में पुलिस ने कई बार सीकर और जयपुर में सर्च किया, लेकिन आरोपी का कुछ पता नहीं चल पाया। जयपुर में काटी फरारी पुलिस को अब मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि आरोपी महेश बाजिया कल्याण सर्किल की तरफ आया हुआ है। जहां से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी फरारी में जयपुर रहने लगा और वहां पर केंगन वाटर की मशीन लगाने लगा। आरोपी महेश बाजिया बैंक में प्राइवेट एजेंट की तरह काम करता था। जो लोगों को किसान क्रेडिट कार्ड इशू करवाने, रिन्यूअल करवाने के बदले कमीशन लेता था। ऐसे में कार्ड होल्डर उसे अपने साइन हुए वाउचर वगैरह भी दे देते थे। इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने सतवीर के पैसे ठगे थे। आरोपी पहले भी ऐसी चार-पांच वारदातें कर चुका था। आरोपी की गिरफ्तारी में ASI मदनलाल, हैड कॉन्स्टेबल कल्याण सिंह और कॉन्स्टेबल शुभकरण की भूमिका रही।