सिरोही शहर के सदर बाजार में आवारा कुत्तों के झुंड ने रात में गश्त कर रहे सुरक्षा गार्ड पर हमला कर दिया। 12 से 15 कुत्तों ने नेपाल निवासी गोरख लक्ष्मी दत्त पांडे को घेरकर नीचे गिरा दिया और हाथ, पैर, कमर व गर्दन पर काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। एक बाइक सवार ने कुत्तों को भगाकर उन्हें बचाया, जबकि एक व्यापारी उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचा। घटना के बाद शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। व्यापार महासंघ ने प्रशासन और नगर परिषद से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, नगर परिषद सभापति ऋतु जैन ने बताया कि डॉग शेल्टर के लिए 1.49 करोड़ रुपए का बिल पास हो चुका है और जल्द अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। प्याऊ पर पानी पी रहे थे, पीछे से टूट पड़ा झुंड पांडे ने बताया कि वह रात में सदर बाजार में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान प्यास लगने पर खारी बावड़ी गणेशजी मंदिर के पास स्थित प्याऊ पर पानी पीने पहुंचे। तभी पीछे से 12 से 15 कुत्तों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। कुत्तों ने उन्हें नीचे गिरा दिया और शरीर के कई हिस्सों पर काट लिया। हमले में उनके कपड़े भी फट गए। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक बाइक सवार ने कुत्तों को भगाकर उनकी जान बचाई। बाद में एक व्यापारी उन्हें अस्पताल लेकर गया। लंबे समय से शहर में कर रहे चौकीदारी नेपाल के रहने वाले गोरख लक्ष्मी दत्त पांडे टांकरिया गली नंबर 6 में रहते हैं। वह लंबे समय से सिरोही शहर में चौकीदारी का काम कर रहे हैं। दुकानदारों से मिलने वाली कमाई से अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। घटना के बाद उन्होंने जिला प्रशासन और अतिरिक्त कलेक्टर को भी मामले की जानकारी दी। कुत्तों की संख्या पर रोक लगाने की मांग पांडे ने शहर में कुत्तों की बढ़ती संख्या पर रोक लगाने, हमला करने वाले कुत्तों को शहर से बाहर भेजने और उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि रात में काम करने वाले लोगों और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिए। व्यापार महासंघ ने जताई चिंता सिरोही व्यापार महासंघ के संरक्षक भारत कुमार छीपा ने कहा कि शहर में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और वे खुलेआम घूमते रहते हैं। कुत्तों का झुंड कब किसी नागरिक, बुजुर्ग या बच्चे पर हमला कर दे, यह कहा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार लोगों की ओर से आवारा कुत्तों के प्रबंधन की उचित व्यवस्था नहीं की जा रही है। समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ी घटना हो सकती है। नसबंदी और टीकाकरण की व्यवस्था पर उठाए सवाल खबर का जोड़ यह है कि शहर में आवारा कुत्तों की नसबंदी, टीकाकरण और उनके लिए सुरक्षित स्थान की व्यवस्था को लेकर नगर परिषद की ओर से अब तक प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने के आरोप लग रहे हैं। इसके चलते शहर की कई गलियों में कुत्तों के झुंड खुलेआम घूम रहे हैं। स्थानीय स्तर पर आशंका जताई जा रही है कि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो किसी बुजुर्ग, बच्चे या अन्य नागरिक के साथ गंभीर हादसा हो सकता है। डॉग शेल्टर के लिए 1.49 करोड़ का बिल पास नगर परिषद सभापति ऋतु जैन ने बताया कि डॉग शेल्टर के लिए 1.49 करोड़ रुपए का बिल पास किया जा चुका है। इसके लिए जल्द अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। डॉग शेल्टर बनने से आवारा कुत्तों के प्रबंधन की दिशा में व्यवस्था विकसित करने में मदद मिलेगी।