आईएएस भास्कर ए सांवत राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) के प्रशासक बने रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें हटाने की मांग वाली राजेन्द्र सिंह नांदू व नागौर जिला क्रिकेट एसोसिएशन की विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को आज खारिज कर दिया है। याचिका में कहा गया था कि प्रशासक सावंत ने आरसीए के चुनाव ठीक तरीके से नहीं करवाए हैं। ऐसे में उनकी जगह सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज अथवा हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश को प्रशासक नियुक्त किया जाए। वहीं, हाल ही में हुए आरसीए के चुनावों को भी रद्द करने की मांग की गई थी। लेकिन सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की बैंच ने याचिकाकर्ताओं द्वारा मांगी गई राहत देने से इनकार करते हुए याचिकाएं खारिज कर दी। राजस्थान उच्च न्यायालय से कहा कि वह उसके समक्ष उठाए गए सभी मुद्दों पर विचार कर उनका निर्णय करें। बैंच ने मामले में मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट इन सभी मुद्दों की जांच करने और उन पर निर्णय लेने में सक्षम है। प्रशासक पर कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं प्रशासक भास्कर ए सावंत की ओर से पैरवी करते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने कहा कि भास्कर ए सावंत की नियुक्ति के बाद उनके व्यक्तिगत आचरण के संबंध में कोई आरोप नहीं लगाया गया है। उनकी नियुक्ति राजस्थान हाईकोर्ट ने एडहॉक कमेटी को भंग करते हुए की थी। उनके प्रशासक रहते हुए ही आरसीए के चुनाव करवाए गए हैं। परिणाम जारी करने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चार साल बाद चुनाव हुए थे। 20 सिंतबर को वोटिंग हुई थी, लेकिन मतदान से पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने रिजल्ट घोषित करने पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से मामले की जल्द सुनवाई करके आदेश जारी करने को कहा था। RCA में अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव और कार्यकारी सदस्य चुने जाने हैं। कुल 38 में 35 वोटर ने वोट दिए थे। जिसे सील पैक करके रख दिया गया था। अध्यक्ष पद के लिए चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह और दौसा जिला क्रिकेट संघ के सचिव बृजकिशोर उपाध्याय में मुकाबला है। छह पदों पर कुल 11 प्रत्याशी उतरे। राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी के बेटे आशीष तिवाड़ी और बीजेपी MLA जसवंत यादव के बेटे मोहित यादव की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। मोहित उपाध्यक्ष और सचिव दोनों पद पर चुनाव लड़े हैं।