पंचायत चुनाव लड़ने के लिए हाईकोर्ट का कथित फर्जी ऑर्डर लगाने के मामले में विधायक श्रवण कुमार के बेटे के खिलाफ FIR दर्ज हो गई है। दैनिक भास्कर इन्वेस्टिगेशन में खुलासा हुआ है कि हाईकोर्ट का फर्जी ऑर्डर हरियाणा के उमेश कुमार के मोबाइल नंबरों से SDM को भेजा गया था। आरोप है कि इसी आदेश के सहारे विधायक के बेटे जयप्रकाश ने जीणी पंचायत समिति चुनाव लड़ने के लिए वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने की कोशिश की। हालांकि, विधायक श्रवण कुमार ने बेटे पर लगे आरोपों को विरोधियों की साजिश बताया है। उमेश बैंक में मैनेजर बताया जा रहा है। उसके जिस नंबर (XXXXXX8485) से ऑर्डर भेजा वो हरियाणा के नारनौल में रजिस्टर्ड है। सूरजगढ़ पुलिस ने उमेश कुमार को भी FIR में नामजद किया। क्या उमेश सिर्फ संदेश पहुंचाने वाला था या पूरी साजिश में उसकी भी भूमिका थी? विधायक पुत्र से क्या कनेक्शन है? भास्कर ने मामले से जुड़े अफसरों और पुलिस अधिकारियों से बात कर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की। पढ़िए- संडे बिग स्टोरी में... भास्कर इन्वेस्टिगेशन : MLA के बेटे के बैंक मैनेजर दोस्त पर शक पड़ताल में सामने आया कि हरियाणा के झज्जर जिले के गांव गोरिया के रहने वाले उमेश ने ही फेक ऑर्डर सूरजगढ़ SDM को वॉट्सएप किया था। एसडीएम और रिटर्निंग अधिकारी संदीप चौधरी के अनुसार, विधायक श्रवण कुमार के बेटे जयप्रकाश ने कार्यालय आकर बताया था कि हाईकोर्ट ने जीणी ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में नाम जोड़ने और चुनाव लड़ने संबंधित ऑर्डर जारी कर दिया है। ये आदेश उनके सहयोगी के वॉट्सएप पर आया है। पुलिस जांच में सामने आया कि SDM को फर्जी ऑर्डर वॉट्सएप किया गया वो मोबाइल नंबर (XXXXXX8485) हरियाणा के नारनौल में उमेश के नाम से रजिस्टर्ड है। उमेश पहले चिड़ावा में एक बैंक में पोस्टेड था। यहीं से विधायक पुत्र के करीब आया। अभी पोस्टिंग कहां है इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है। सूरजगढ़ एसएचओ राम सिंह यादव ने बताया कि एसडीएम संदीप चौधरी की रिपोर्ट पर जयप्रकाश पुत्र श्रवण कुमार, उनके सहयोगी उमेश कुमार व अन्य सहयोगियों के खिलाफ जाली डॉक्यूमेंट्स तैयार करने, काम में लेने, जालसाजी करने और धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। अभी इस मामले में जांच शुरू कर दी है। पूछताछ में ही पता चलेगा कि उमेश कुमार का उस दस्तावेज से क्या संबंध था, फर्जी ऑर्डर कैसे तैयार किया और अन्य सहयोगियों की भूमिका क्या रही। वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने से शुरू हुआ पूरा मामला मामले की शुरुआत मतदाता सूची में नाम जुड़वाने को लेकर हुई। सूरजगढ़ से कांग्रेस विधायक श्रवण कुमार के बेटे जयप्रकाश का नाम सूरजगढ़ नगर पालिका के वार्ड 25 की मतदाता सूची में दर्ज था। वे सूरजगढ़ पंचायत समिति के वार्ड 7 से चुनाव लड़ना चाहते थे। नियमानुसार इसके लिए जीणी ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में नाम होना जरूरी था। लेकिन चुनावों के चलते निर्वाचन आयोग ने ग्रामीण वोटर लिस्ट पहले ही फ्रीज कर दी थी। लेकिन फिर भी जयप्रकाश ने जीणी ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर दिया। निर्धारित समयसीमा निकल जाने के कारण बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ने उनका ये नाम जोड़ने से इनकार कर दिया। इसके बाद जयप्रकाश ने 15 अक्टूबर 2026 को राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की मांग की। उनकी इस याचिका पर 16 अक्टूबर को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने जयप्रकाश को मतदाता सूची में नाम जोड़ने या नामांकन दाखिल करने की अनुमति देने वाला कोई भी अंतरिम आदेश पारित नहीं किया। मामले में अगली सुनवाई के लिए 27 अक्टूबर की तारीख तय कर दी। लेकिन इस 16 अक्टूबर को ही जयप्रकाश पंचायत समिति के वार्ड 7 से कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल करने के लिए सूरजगढ़ एसडीएम कार्यालय पहुंच गए। SDM को वॉट्सएप पर भेजा कोर्ट का फर्जी ऑर्डर सूरजगढ़ एसडीएम संदीप चौधरी ने बताया कि नामांकन दाखिल करने आए जयप्रकाश ने मौखिक सूचना दी कि उनकी याचिका पर हाईकोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और चुनाव लड़ने की परमिशन देने का ऑर्डर कर दिया है। जयप्रकाश ने संबंधित ऑर्डर की कॉपी वॉट्सएप पर भेजने की बात कही। थोड़ी देर बाद ही एसडीएम संदीप चौधरी के वॉट्सएप पर इसी हाईकोर्ट के ऑर्डर की एक कॉपी आ गई। इसमें दावा किया गया कि अदालत ने जयप्रकाश का नाम जीणी ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में बहाल करने और उन्हें चुनाव लड़ने के लिए नामांकन दाखिल करने की अनुमति दे दी है। एसडीएम संदीप चौधरी ने बताया कि उन्होंने जिला कलेक्टर झुंझुनूं व राज्य निर्वाचन आयोग को पूरे मामले जानकारी दी और मार्गदर्शन मांगा। इस पर जिला कलेक्टर कार्यालय व राज्य निर्वाचन आयोग ने आवेदक जयप्रकाश से राजस्थान हाई कोर्ट के आदेश की सर्टिफाइड कॉपी लेने के लिए निर्देशित किया। इसके बाद जयप्रकाश को नोटिस भेज राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश की सर्टिफाइड कॉपी जमा करवाने को कहा गया। एसडीएम संदीप चौधरी ने बताया नोटिस के बावजूद जयप्रकाश ने हाईकोर्ट के ऑर्डर की सर्टिफाइड कॉपी जमा नहीं करवाई। नामांकन की स्क्रूटनी के दौरान सामने आया कि उन्होंने अपना नामांकन फॉर्म भी पार्टी प्रत्याशी के तौर पर जमा करवाया था। लेकिन उनका सिंबल जमा नहीं हुआ था। वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने पर नामांकन खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट में खुला मामला, जज ने मूल रिकॉर्ड से किया मिलान इधर इस मामले में 29 अक्टूबर को राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान बड़ा घटनाक्रम सामने आया। जस्टिस आनंद शर्मा की एकलपीठ के सामने राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अधिवक्ता अमित कुरी ने रिटर्निंग ऑफिसर सूरजगढ़ एसडीएम संदीप चौधरी का पत्र और कथित फर्जी आदेश की प्रतियां पेश कीं। कोर्ट ने फर्जी ऑर्डर का मूल रिकॉर्ड से मिलान किया तो सामने आया कि 16 अक्टूबर को उन्होंने ऐसा कोई अंतरिम आदेश पारित ही नहीं किया था। इस पर अदालत ने गंभीर टिप्पणी करते हुए मामले को न्यायिक व्यवस्था पर हमला माना और रजिस्ट्रार (ज्यूडिशियल) को 3 दिन में जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हाईकोर्ट में मामला गंभीर होने के बाद जिला प्रशासन ने भी कार्रवाई की। झुंझुनूं जिला कलेक्टर के निर्देश पर सूरजगढ़ SDM एवं रिटर्निंग ऑफिसर संदीप चौधरी ने शनिवार को जयप्रकाश के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। FIR में कथित जाली दस्तावेज तैयार करने, हाईकोर्ट का फर्जी आदेश बनाकर उसके जरिए मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और प्रशासन को गुमराह कर पंचायत समिति सदस्य का चुनाव लड़ने के लिए नामांकन दाखिल करने का प्रयास करने से जुड़े आरोप शामिल हैं। FIR के बाद फोन स्विच ऑफ, वकील बोले- मुझे जानकारी नहीं मामला सामने आने के बाद जयप्रकाश ने फर्जी आदेश भेजने के आरोपों से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि उन्होंने नामांकन के साथ कोई फर्जी आदेश नहीं लगाया। किसी दूसरे व्यक्ति ने एसडीएम को आदेश भेजा होगा। हालांकि एफआईआर दर्ज होने के बाद हमने फिर से विधायक श्रवण कुमार के बेटे जयप्रकाश से उनका पक्ष जानने की कोशिश की। लेकिन उनका फोन स्विच ऑफ आया। इधर, जयप्रकाश की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका लगाने वाले जयपुर के वकील कपिल गुप्ता ने बताया- कथित फर्जी ऑर्डर के बारे में मुझे भी कोई जानकारी नहीं है। मैंने खुद मामले को लेकर पुलिस कमिश्नर व हाई कोर्ट एडमिनिस्ट्रेशन से जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। विधायक पिता बोले- विरोधियों ने बेटे के खिलाफ रचा षड़यंत्र सूरजगढ़ विधायक श्रवण कुमार ने बताया कि मेरे बेटे जयप्रकाश ने अपना नॉमिनिशन दिया, उसके साथ जो-जो दस्तावेज अटैच किए उसमें कहीं भी इस तरह का कोई ऑर्डर ही नहीं हैं। हमारे पास इसका पूरा रिकॉर्ड है। जब जयप्रकाश का नाम ही वोटर लिस्ट में नहीं था तो एसडीएम ने उसके फॉर्म को जमा ही क्यों किया? उस फॉर्म को तो चेक में ही बाहर निकाल दिया जाना चाहिए था। जब फॉर्म जमा करने का टाइम दोपहर 3 बजे तक का ही था तो 3.18 बजे मिलने वाले किसी वॉट्सऐप इमेज की क्या वैलिडिटी है? अब फेक सोशल मीडिया के जमाने में किसी के एसडीएम को भेजे गए मैसेज से हमारा क्या लेना देना। जबकि उस इमेज में किसी तरह का कोई साइन मोहर या डिजिटल साइन भी नहीं था। उमेश के साथ कनेक्शन के सवाल पर विधायक ने कहा- असल में ये सारा खेल एक षड्यंत्र के तहत रचा गया है। रही बात उमेश की तो वो पहले चिड़ावा में एक बैंक में पोस्टेड था। हरियाणा का रहने वाला है। उसे जानते हैं और उसे ही क्यों हरियाणा में बहुत लोगों को जानते हैं। …. ये स्टोरी भी पढ़िए… राजस्थान- इन्फ्लूएंसर के नहाते हुए के वीडियो के साथ छेड़छाड़:बोली- मैं घर से निकलने लायक नहीं रही; AI से बनाया, सोशल मीडिया पर शेयर 'मैं सभी से हाथ जोड़कर प्रार्थना कर रही हूं...प्लीज, जिसने भी मेरी फर्जी वीडियो लगाई है, उसे हटा दें। यह मेरी इज्जत का सवाल है। मैं मानसिक रूप से बहुत परेशान हूं। यह अपील की थी राजस्थान की एक सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर ने। पूरी खबर पढ़िए…