बेंगलुरु स्थित प्रशांति कुटीरम आगामी 13 नवंबर को अपना स्वर्ण जयंती समारोह मनाएगा। यह अवसर योग, शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान, समग्र स्वास्थ्य सेवा, अध्यात्म और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में संस्थान की पचास वर्षों की सेवा को समर्पित होगा। आयोजकों के निमंत्रण पत्र के अनुसार, प्रशांति कुटीरम के स्वर्ण जयंती समारोह तथा एच. वी. शेषाद्रि के जन्म शताब्दी समारोह का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाना प्रस्तावित है। S-VYASA विश्वविद्यालय सोसाइटी एवं S-VYASA के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. एच. आर. नागेंद्र ने S-VYASA विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय मामलों के मुख्य सलाहकार, राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (राना), न्यूयॉर्क के अध्यक्ष तथा जयपुर फुट यूएसए के चेयरमैन प्रेम भंडारी को समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। अपने निमंत्रण पत्र में डॉ. नागेंद्र ने संस्थान की विकास यात्रा और स्वर्ण जयंती के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने लिखा, “पिछले पाँच दशकों में प्रशांति कुटीरम एक छोटे से योग केंद्र से विकसित होकर योग शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त संस्थान बन गया है। स्वर्ण जयंती हमें इस राष्ट्रीय अभियान में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करने तथा समाज सेवा के अगले चरण के लिए अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करती है।” भंडारी के योगदान की सराहना करते हुए डॉ. नागेंद्र ने अपने पत्र में न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर और संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोहों, कैपिटल हिल में विवेकानंद योग विश्वविद्यालय के शुभारंभ तथा संयुक्त राष्ट्र में वैश्विक योग प्रत्यायन शिखर सम्मेलन की पहल में उनकी भूमिका का उल्लेख किया। डॉ. नागेंद्र ने लिखा, “एक प्रकार से आप भारतीय संस्कृति और परंपरा के सच्चे राजदूत बन गए हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों के मुख्य सलाहकार के रूप में आपका हमारे साथ होना हमारे लिए गौरव की बात है।” भंडारी ने योग को अभूतपूर्व अंतरराष्ट्रीय मंच दिलाने का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को दिया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की संयुक्त राष्ट्र में दूरदर्शी पहल के परिणामस्वरूप 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया। इस प्रस्ताव को ऐतिहासिक समर्थन मिला और 177 देश इसके सह-प्रायोजक बने। आज विश्व के 100 से अधिक देशों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है, जो विभिन्न राष्ट्रीयताओं, संस्कृतियों और आस्थाओं के लोगों को एक साथ जोड़ता है। उनके नेतृत्व ने भारत की प्राचीन योग परंपरा को स्वास्थ्य, सद्भाव और शांति के संदेश के रूप में विश्व तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।” डॉ. नागेंद्र के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भंडारी ने कहा, “मैं आदरणीय पद्मश्री डॉ. एच. आर. नागेंद्र गुरु जी का हृदय से आभारी हूँ कि उन्होंने मुझे इस अभियान में योगदान देने का अवसर दिया और एस-vyasa के अंतरराष्ट्रीय मामलों के मुख्य सलाहकार के रूप में मुझ पर विश्वास जताया। उनका मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मेरे लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत रहा है। इस ऐतिहासिक समारोह का निमंत्रण प्राप्त करना मेरे लिए अत्यंत सम्मान की बात है।” एस-Vyasa विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एन. के. मंजुनाथ ने भी भंडारी के निरंतर योगदान की सराहना की। उन्होंने अपने पत्र में लिखा, “एस-व्यास योग विश्वविद्यालय को गर्व है कि आप अंतरराष्ट्रीय मामलों के मुख्य सलाहकार के रूप में हमारे साथ हैं। योग और भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रचार-प्रसार के प्रति आपकी प्रतिबद्धता सराहनीय है।” उन्होंने आगे लिखा, “आपके नेतृत्व में अमेरिका में एक दशक से अधिक समय से योग का प्रचार-प्रसार हो रहा है।” कुलपति ने अपने पत्र में वर्ष 2018 में संयुक्त राष्ट्र परिसर में आयोजित कार्यक्रम के लिए डॉ. नागेंद्र को भंडारी द्वारा आमंत्रित किए जाने तथा वर्ष 2022 में टाइम्स स्क्वायर पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह का नेतृत्व करने के लिए स्वामी अवधेशानंद गिरि के आगमन का भी उल्लेख किया। डॉ. मंजुनाथ ने योग, ध्यान और समग्र स्वास्थ्य के क्षेत्र में राना , जयपुर फुट यूएसए, बृहुद न्यू यॉर्क सीनियर्स के प्रयासों की सराहना की। इनमें yo1 में आयोजित स्वास्थ्य एवं योग शिविर भी शामिल था, जिसमें चिकित्सा विशेषज्ञों और उद्योग जगत के प्रमुख लोगों ने भाग लिया। 13 नवंबर के उद्घाटन समारोह के बाद प्रशांति कुटीरम में 14 से 23 नवंबर तक विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें शैक्षणिक सम्मेलन, योग एवं स्वास्थ्य कार्यक्रम, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, प्रदर्शनियाँ, पूर्व विद्यार्थियों के मिलन समारोह, प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों के साथ संवाद और महत्वपूर्ण नई पहलों का लोकार्पण शामिल होगा। स्वर्ण जयंती समारोह संस्थान की पाँच दशकों की सेवा यात्रा का सम्मान करने के साथ-साथ समाज के प्रति उसके योगदान के अगले चरण की भावी दिशा भी प्रस्तुत करेगा।