15 साल की भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी पात्री यूथ ओलिंपिक गेम्स के फाइनल में पहुंच गई हैं। वे इस टूर्नामेंट में महिला सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं। इसके साथ ही इस इवेंट में भारत का पहला महिला सिंगल्स मेडल भी पक्का हो गया है। तन्वी ने सेमीफाइनल में जापान की दूसरी सीड युजुनो वतनाबे को 21-14, 11-21, 21-19 से हराया। अब गोल्ड मेडल मैच में उनका मुकाबला चीन की शिन झांग से होगा। तीसरे गेम में 19-21 से हारीं जापानी खिलाड़ी तन्वी ने मुकाबले की शुरुआत अच्छी की और पहला गेम 21-14 से अपने नाम किया। हालांकि, वतनाबे ने दूसरे गेम में वापसी करते हुए 21-11 से जीत हासिल की और मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया। तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। एक समय मुकाबला बराबरी पर था। हालांकि तन्वी ने अहम मौकों पर संयम बनाए रखा और 21-19 से गेम जीतकर फाइनल में जगह बना ली। इससे पहले भी हो चुकी दोनों खिलाड़ियों की भिड़ंत तन्वी का मैच चीन की मजबूत यी शिन झांग से है। झांग हाल ही में वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। दोनों खिलाड़ी इस साल एशिया जूनियर चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में आमने-सामने आई थीं। तब तन्वी को 18-21, 16-21 से हार का सामना करना पड़ा था। प्रणय ने 2010 में सिल्वर जीता था यूथ ओलिंपिक में भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों का प्रदर्शन पहले भी अच्छा रहा है। एचएस प्रणय ने 2010 में सिंगापुर में हुए पहले यूथ ओलिंपिक में सिल्वर मेडल जीता था। इसके बाद लक्ष्य सेन 2018 में ब्यूनस आयर्स में रनर-अप रहे थे। 2014 में आदित्य जोशी लड़कों के सिंगल्स सेमीफाइनल तक पहुंचे थे। --------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… माया राजेशवरन चेन्नई ओपन के क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं:सानिया मिर्जा के बाद ऐसा करने वाली पहली भारतीय 17 साल की माया राजेशवरन रेवती चेन्नई ओपन के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई हैं। वह 14 साल बाद किसी WTA टूर-लेवल सिंगल्स टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं। पूरी खबर पढ़ें…