संभाग के विद्यार्थियों को अब प्रबंधन और कंप्यूटर शिक्षा के लिए स्नातक स्तर पर भी महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में पढ़ाई का विकल्प मिल सकेगा। विश्वविद्यालय में वर्तमान में पीजी स्तर पर एमबीए और एमसीए पाठ्यक्रम संचालित हैं। अब इनके क्रम में यूजी स्तर पर बीबीए और बीसीए शुरू करने की तैयारी है। दोनों नए पाठ्यक्रमों में 60-60 सीटें निर्धारित करने की योजना है। इसके लिए विश्वविद्यालय जनवरी में पोर्टल खुलने पर मान्यता के लिए आवेदन करेगा। स्वीकृति मिलने पर शैक्षणिक सत्र 2027-28 से प्रवेश शुरू करने का लक्ष्य है। विश्वविद्यालय में फिलहाल एमबीए और एमसीए में 40-40 सीटें निर्धारित हैं। अब बीबीए और बीसीए शुरू होने से प्रबंधन एवं कंप्यूटर शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय का शैक्षणिक दायरा बढ़ेगा। बीबीए के जरिए विद्यार्थी व्यवसाय प्रशासन और प्रबंधन की बुनियादी शिक्षा हासिल कर सकेंगे, वहीं बीसीए में कंप्यूटर एप्लीकेशन और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े विषयों का अध्ययन कर सकेंगे। इससे विद्यार्थियों को स्नातक के बाद एमबीए और एमसीए जैसे पीजी पाठ्यक्रमों में आगे बढ़ने का अवसर भी मिलेगा। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार बीबीए में 60 और बीसीए में 60 सीटें रखी जाएंगी। इस तरह दोनों पाठ्यक्रमों में कुल 120 विद्यार्थियों को प्रवेश देने की योजना है। हालांकि प्रवेश प्रक्रिया आवश्यक मान्यता एवं स्वीकृतियां मिलने के बाद ही शुरू हो सकेगी। विश्वविद्यालय जनवरी में संबंधित पोर्टल खुलने पर बीबीए और बीसीए पाठ्यक्रमों की मान्यता के लिए आवेदन करेगा। निर्धारित मानकों एवं औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद आगामी शैक्षणिक सत्र 2027-28 से इन पाठ्यक्रमों का संचालन शुरू करने की तैयारी है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य पारंपरिक शिक्षा के साथ आधुनिक व्यावसायिक एवं स्वास्थ्य शिक्षा के नए अवसर विकसित करना है। इस संबंध में तैयारी चल रही है। आगामी सत्र से बीबीए-बीसीए सहित अन्य रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। -प्रो.नरसीराम बिश्नोई, कुलगुरु, एमजीएसयू