राजसमंद | जिले में पिछले 10 दिनों से बारिश नहीं होने से खरीफ फसलों पर संकट गहराने लगा है। खेतों में खड़ी मक्का, बाजरा, ग्वार और मूंग की फसलें पानी के अभाव में नुकसान की कगार पर पहुंच गई हैं। किसानों को अब फसल के साथ चारे और पानी की चिंता सताने लगी है। मंगलवार दोपहर बड़ारड़ा क्षेत्र में हल्की बारिश हुई, लेकिन यह फसलों के लिए पर्याप्त नहीं रही। बारिश के बाद निकली धूप से उमस बढ़ गई और तापमान करीब 31 डिग्री तक पहुंच गया। दक्षिण-पश्चिम मानसून की गति धीमी पड़ने से जिले में बारिश का दौर थमा हुआ है। आसमान में बादल छाने के बावजूद अच्छी बारिश नहीं हो रही। 13 अगस्त को कुछ इलाकों में हल्की फुहारें पड़ी थीं। इसके बाद से मौसम मुख्य रूप से सूखा बना हुआ है। खेतों में नमी कम होने से मक्का और बाजरा की फसलें प्रभावित होने लगी हैं।