स्कूलों में व्याख्याताओं की नियुक्ति के लिए लगातार भर्ती परीक्षाएं आयोजित हो रही हैं, लेकिन विज्ञापित पदों के अनुरूप पात्र अभ्यर्थी नहीं मिल पा रहे हैं। पिछले चार वर्षों में हुई तीन भर्ती परीक्षाओं का परिणाम भी इसी समस्या की ओर इशारा कर रहा है। वर्ष 2022 और 2024 की भर्तियों में कुल 834 पद रिक्त रह गए थे। अब व्याख्याता एवं कोच भर्ती-2025 में भी करीब 20 विषयों के पद खाली रहने की संभावना है। इस बार 28 विषयों के 4,885 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। प्रारंभिक परिणाम में चयनित 3,681 अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन का पहला चरण पूरा हो गया। 12 अक्टूबर से 2 नवंबर तक माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में 24 विषयों के अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच की गई। सत्यापन में अनुपस्थित अभ्यर्थियों को एक और अवसर दिया जाएगा। विषयवार आंकड़ों में राजनीतिक विज्ञान और कृषि विज्ञान की स्थिति सामने आई है। राजनीतिक विज्ञान के 645 पदों के मुकाबले केवल 67 अभ्यर्थी पात्र पाए गए। इसी तरह कृषि विज्ञान के 552 पदों के लिए महज 49 अभ्यर्थी ही निर्धारित मापदंड पूरा कर सके। विज्ञापित पदों की तुलना में अंग्रेजी, हिंदी, गणित, भूगोल, इतिहास और राजनीतिक विज्ञान को छोड़कर शेष विषयों में पात्र अभ्यर्थियों की संख्या कम है। इससे इन विषयों में पद रिक्त रहने की आशंका है। विज्ञान संकाय के विषय भी प्रभावित विज्ञान विषयों में रसायन विज्ञान को छोड़कर भौतिक विज्ञान और जीव विज्ञान में पात्र अभ्यर्थियों की संख्या काफी कम रही। रसायन विज्ञान के 216 पदों के मुकाबले 315 अभ्यर्थी प्रारंभिक परिणाम में चयनित हुए। इसके विपरीत भौतिक विज्ञान के 136 पदों के लिए केवल 24 और जीव विज्ञान के 103 पदों के लिए 42 अभ्यर्थी पात्र पाए गए। तीन भर्तियों के आंकड़े बता रहे पद और पात्रता का अंतर 40 प्रतिशत न्यूनतम अंक की शर्त बनी चुनौती : भर्ती नियमों के तहत दोनों प्रश्नपत्रों में निर्धारित न्यूनतम अंक हासिल करना अनिवार्य था। प्रत्येक प्रश्नपत्र में 40 प्रतिशत अंक की बाध्यता और प्रश्नपत्रों के कठिन स्तर के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पात्रता की शर्त पूरी नहीं कर सके।