त्यौहारी सीजन में मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत विभागीय टीम ने अजमेर से टोंक लाया जा रहा करीब 200 किलो संदिग्ध मावा पकड़ा। यह मावा शहर के मुख्य बाजार घंटाघर स्थित दो प्रतिष्ठानों पर सप्लाई किया जा रहा था। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने दोनों प्रतिष्ठानों से मावे के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भिजवाए तथा शेष करीब 200 किलो मावे को विक्रेता की सहमति से मौके पर ही नष्ट करवाया गया। बीती देर रात हुई इस कार्रवाई से मिठाई कारोबारियों में हडक़ंप मच गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सत्यनारायण गुर्जर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अजमेर से बस के माध्यम से बड़ी मात्रा में मावा टोंक लाया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने अजमेर से आ रही बस का पीछा किया। इसके बाद घंटाघर स्थित मुख्य बाजार में एवन मिष्ठान भंडार और सन कैफे एंड स्वीट पर टैम्पो से मावे की चार गांठें उतारते समय कार्रवाई की गई। टीम ने दोनों प्रतिष्ठानों से मावे के नमूने लिए। मावे की गुणवत्ता संदिग्ध पाए जाने पर शेष करीब 200 किलो मावे को मौके पर नष्ट करवाया गया। इस कार्रवाई में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शैलेंद्र सिंह चौधरी के साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारी सत्यनारायण गुर्जर, रामकृष्ण गोठवाल, सांवर मल नेहरा तथा सहायक कर्मचारी राजेंद्र सैनी, अविनाश साहू, जितेंद्र सहित अन्य कार्मिक मौजूद रहे। कई मिठाई प्रतिष्ठानों से लिए नमूने: अभियान के तहत मंगलवार, 3 अक्टूबर को भी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शैलेंद्र सिंह चौधरी के नेतृत्व में शहर के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर जांच कार्रवाई की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सत्यनारायण गुर्जर ने रामेश्वर नमकीन एंड स्वीट सेंटर पांच बत्ती से मावा एवं मिश्री मावा के नमूने तथा धूवरिया मिष्ठान भंडार घंटाघर से पनीर का नमूना लिया। इसी प्रकार खाद्य सुरक्षा अधिकारी रामकृष्ण गोठवाल ने न्यू जोधपुर स्वीट कॉर्नर सुभाष बाजार से मावे का नमूना लिया, जबकि खाद्य सुरक्षा अधिकारी सांवर मल नेहरा ने कलेक्ट्रेट के सामने स्थित जोधपुर स्वीट एंड रेस्टोरेंट से मावा बर्फी का नमूना संग्रहित किया। सभी नमूनों को गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। मिलावट मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शैलेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि त्यौहारी सीजन को देखते हुए आमजन को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मिलावटखोरी के खिलाफ लगातार सघन अभियान चलाकर प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है तथा संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने खाद्य कारोबारियों को भी गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री बेचने तथा आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं करने की हिदायत दी है।