रिटेल और होलसेल व्यापार में रोजगार के नए मौके देने, स्वरोजगार बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने राजस्थान व्यापार प्रोत्साहन नीति-2025 लागू की है। यह नीति 31 मार्च 2029 तक प्रभावी रहेगी। इसका उद्देश्य नए व्यापार की स्थापना के लिए कम लागत पर ऋण उपलब्ध कराना है। जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक दुष्यंत पटेल ने बताया कि नीति के तहत वित्तीय संस्थाओं के जरिए व्यापार आधारित ऋण मिलेगा। राज्य सरकार ब्याज अनुदान देगी। सीजीटीएमएसई इंश्योरेंस प्रीमियम भुगतान में सहायता देगी। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फीस के भुगतान में भी मदद मिलेगी। नीति में व्यापार क्षेत्र के लिए अधिकतम ऋण सीमा 2 करोड़ रुपए तय की गई है। परियोजना के लिए कंपोजिट ऋण में कार्यशील पूंजी अधिकतम 80 प्रतिशत तक हो सकेगी। 5 वर्ष तक देय सीजीटीएमएसई गारंटी फीस का 50 प्रतिशत पुनर्भरण होगा। नीति का लाभ लेने के लिए एसएसओ आईडी से आवेदन किया जा सकेगा। आवेदन के समय जन आधार कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, परियोजना रिपोर्ट अपलोड करने होंगे। बीमा भुगतान का 50 फीसदी पुनर्भरण मिलेगा इंश्योरेंस के लिए भुगतान की गई राशि का 50 प्रतिशत पुनर्भरण मिलेगा। इसकी अधिकतम सीमा 1 लाख रुपए प्रतिवर्ष रहेगी। ई-कॉमर्स के जरिए 1 वर्ष तक लेनदेन के लिए देय प्लेटफॉर्म फीस का 75 प्रतिशत पुनर्भरण होगा। इसकी अधिकतम सीमा 50 हजार रुपए प्रतिवर्ष रहेगी। ऋण की समयावधि अधिकतम 7 वर्ष होगी। ब्याज अनुदान 5 वर्ष तक देय रहेगा। 1 करोड़ रुपए तक के ऋण पर 6 प्रतिशत ब्याज अनुदान मिलेगा। 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपए तक के ऋण पर 4 प्रतिशत ब्याज अनुदान मिलेगा। महिला, एससी-एसटी, दिव्यांगजन व्यापारियों को 1 करोड़ रुपए से अधिक के ऋण पर अतिरिक्त 1 प्रतिशत ब्याज अनुदान देय होगा।