उदयपुर की फतहसागर पाल पर रविवार को 'ब्रिक्स (BRICS) सतत जीवनशैली सप्ताह' की शुरुआत हुई। इस दौरान युवाओं और स्कूल-कॉलेज के छात्रों ने सेहतमंद रहने और पर्यावरण बचाने की शपथ ली। जिला पर्यावरण समिति की ओर से इस अभियान की शुरुआत की गई। इस साल कार्यक्रम की थीम 'स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं' रखी गई है। सुबह के समय शहर की कई स्कूल- कॉलेजों के करीब 150 स्टूडेंट्स फतहसागर पाल पर जुटे। छात्रों ने देवाली छोर से मोती मगरी तक पैदल मार्च (वॉकाथॉन) किया और साइकिल रैली (साइक्लोथॉन) निकालकर शहरवासियों को फिट रहने का संदेश दिया। इसके बाद नीमच माता वन क्षेत्र में पौधारोपण भी किया गया।
प्रकृति को बचाने की ली शपथ रविवार सुबह कार्यक्रम की शुरुआत 'मिशन लाइफ' (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) की शपथ के साथ हुई। इसमें सभी छात्रों और वन विभाग के अधिकारियों ने अपनी रोजमर्रा की आदतों में बदलाव लाने का संकल्प लिया। सभी ने शपथ ली कि वे प्रकृति को नुकसान पहुंचाने वाली चीजों से दूरी बनाएंगे और ऐसी जीवनशैली अपनाएंगे जिससे पर्यावरण सुरक्षित रहे। इस दौरान युवाओं को बताया गया कि कैसे छोटे-छोटे बदलाव करके हम धरती और अपनी सेहत दोनों को बचा सकते हैं। देवाली गेट से मोती मगरी तक निकली रैली शपथ लेने के बाद फतहसागर के देवाली गेट से मोती मगरी तक वॉकाथॉन और साइक्लोथॉन की शुरुआत हुई। इसमें छात्र-छात्राओं ने हाथों में जागरूकता के संदेश लिए पैदल मार्च किया और साइकिलें दौड़ाईं। रैली के जरिए सुबह की सैर पर आए शहरवासियों और युवाओं को संदेश दिया गया कि वे गाड़ियों का इस्तेमाल कम करें। रोजाना पैदल चलने, साइकिल चलाने और कसरत करने की आदत डालें। इससे शरीर भी तंदुरुस्त रहेगा और शहर में गाड़ियों से होने वाला प्रदूषण भी कम होगा। नीमच माता की पहाड़ियों पर लगाए अमलतास और कचनार के पौधे साइकिल रैली और पैदल मार्च के बाद सभी प्रतिभागी नीमच माता वनखंड पहुंचे। यहां पहाड़ी क्षेत्र को और हरा-भरा बनाने के लिए पौधारोपण अभियान चलाया गया। छात्रों और वनकर्मियों ने मिलकर यहां अमलतास, कचनार और स्पैथोडिया जैसी छायादार और फूलों वाली कई प्रजातियों के पौधे लगाए। साथ ही छात्रों ने इन पौधों की नियमित देखभाल करने की जिम्मेदारी भी ली। पर्यावरण के अनुकूल आदतें अपनाने पर दिया जोर कार्यक्रम के दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने छात्रों से सीधा संवाद किया। उन्हें मिशन लाइफ के उद्देश्यों के बारे में सरल तरीके से समझाया गया। अधिकारियों ने बताया कि आज के समय में बदलते मौसम और बढ़ते प्रदूषण से बचने का एक ही रास्ता है कि हम प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर जिएं। पानी और बिजली की बचत करें, प्लास्टिक का उपयोग बंद करें और ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएं। ये अधिकारी रहे मौजूद इस मौके पर उप वन संरक्षक (उदयपुर उत्तर) देवेंद्र कुमार तिवारी, सहायक वन संरक्षक राजेंद्र सिंह और मनीष मीणा के साथ क्षेत्रीय वन अधिकारी यशपाल सिंह सहित वन विभाग के कई कर्मचारी और शिक्षक मौजूद रहे। सप्ताह भर चलने वाले इस अभियान के तहत शहर में पर्यावरण और स्वास्थ्य से जुड़ी कई और गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।