उदयपुर जिले में पंचायतीराज और जिला परिषद चुनाव में कहीं मतदान का प्रतिशत 80 के पार पहुंचा। दूसरी तरफ 60 प्रतिशत से भी नीचे रहा। तीनों चरणों के कुल मतदान प्रतिशत में दूसरा चरण सबसे आगे रहा, जबकि अंतिम चरण में मतदान का प्रतिशत सबसे कम दर्ज किया गया। पंचायत समिति वार आंकड़ों में पहले चरण की नाई पंचायत समिति ने सबसे ज्यादा मतदान का रिकॉर्ड बना। यहां 81.05 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। वहीं, तीनों चरणों में सबसे कम मतदान दूसरे चरण की सायरा पंचायत समिति में 58.44 प्रतिशत रहा। जिले में तीनों चरणों के मतदान प्रतिशत की तुलना करें तो दूसरे चरण में 69.47 प्रतिशत मतदान हुआ। पहले चरण में यह आंकड़ा 66.91 प्रतिशत रहा, जबकि तीसरे और अंतिम चरण में 64.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इस तरह दूसरे चरण के मुकाबले पहले चरण में 2.56 प्रतिशत अंक और तीसरे चरण में 4.53 प्रतिशत अंक कम मतदान हुआ। वहीं, पहले और तीसरे चरण के मतदान प्रतिशत में 1.97 प्रतिशत अंक का अंतर रहा। पहले चरण में नाई में 81% तो कुराबड़ में 58% पहले चरण की 10 पंचायत समितियों में नाई में सर्वाधिक 81.05 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके बाद झाड़ोल में 75.64, ओगणा में 74.78 और फलासिया में 73.46 प्रतिशत वोटिंग हुई। गिर्वा में 69.40 और घासा में 65.51 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मावली में 62.30, वल्लभनगर में 61.29 और भींडर में 60.18 प्रतिशत मतदान हुआ। इस चरण में सबसे कम मतदान कुराबड़ पंचायत समिति में 58.97 प्रतिशत रहा। दूसरे चरण में कोटड़ा में 78% तो सायरा में 58% दूसरे चरण की छह पंचायत समितियों में कोटड़ा में सबसे ज्यादा 78.15 प्रतिशत मतदान हुआ। देवला में 72.94 और बड़गांव में 71.16 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। गोगुंदा में 69.41 और सुलाव में 68.38 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं, सायरा पंचायत समिति में सबसे कम 58.44 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। तीसरे चरण में कल्याणपुर आगे, खेरवाड़ा में सबसे कम मतदान तीसरे और अंतिम चरण की चार पंचायत समितियों में कल्याणपुर में सर्वाधिक 67.06 प्रतिशत मतदान हुआ। ऋषभदेव में 66.75 और नयागांव में 64.87 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया। खेरवाड़ा पंचायत समिति में सबसे कम 62.68 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।