आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम स्थित नेवल डॉकयार्ड में शनिवार दोपहर भारतीय नौसेना के जहाज INS केसरी में पानी घुस गया। घटना के समय जहाज डॉकयार्ड में खड़ा था। नौसेना के प्रवक्ता ने बताया कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ है। जहाज से पानी निकालने का काम जारी है। फिलहाल यह जानकारी नहीं दी गई है कि जहाज में पानी किस वजह से और किस हिस्से में घुसा। नौसेना का बड़ा जंगी जहाज है INS केसरी INS केसरी शार्दूल क्लास का टैंक लैंडिंग शिप है। इसे भारत में ही गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स ने तैयार किया था। 5 अप्रैल 2008 को इसे भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। 125 मीटर लंबे इस जहाज का मुख्य काम सैनिकों, टैंकों और सैन्य वाहनों को समुद्र के रास्ते तट तक पहुंचाना है। इसका इस्तेमाल उभयचर सैन्य अभियानों में किया जाता है। इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों के साथ दूसरे देशों तक मानवीय सहायता और दवाइयां पहुंचाने में भी यह काम आता है। पहले भी नौसेना के जहाजों में पानी भरने और डूबने की घटनाएं हुईं ------------------ ये खबरें भी पढ़ें… फ्रेंच नेवी के राफेल की INS विक्रांत पर पहली लैंडिंग: पहली कोशिश में उतरा, नौसेना में शामिल करने के लिए ट्रायल सक्सेसफुल राफेल मरीन (राफेल-M) फाइटर जेट ने 29 अक्टूबर को INS विक्रांत पर पहली कोशिश में सफल लैंडिंग की। INS विक्रांत भारतीय नौसेना का स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर है। यह राफेल मरीन फ्रेंच नेवी का लड़ाकू विमान है। इसे फ्रेंच पायलट उड़ा रहे थे। इन ट्रायल्स से भारतीय नौसेना में राफेल मरीन विमान को ऑपरेशनल बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी। भारत को अभी तक राफेल मरीन मिला नहीं है। पढ़ें पूरी खबर…