जोधपुर के झंवर, शेखाला, शेरगढ़ और चामू में निजी औद्योगिक पार्क बनेंगे। राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति-2026 के तहत राज्य सरकार ने इन चारों क्षेत्रों को शामिल किया है। इन क्षेत्रों में रीको की ओर से आवंटित जमीन पर निजी विकासकर्ता इसे विकसित करेंगे। औद्योगिक पार्क के लिए कम से कम 50 एकड़ जमीन होना जरूरी है। इसके साथ ही कम से कम 10 औद्योगिक इकाइयां स्थापित करनी होंगी। हर क्षेत्र के लिए सरकार अलग-अलग चरण में 40 करोड़ रुपए तक की मदद करेगी। 100 एकड़ तक के पार्क के लिए अधिकतम 20 करोड़, 100 से 250 एकड़ तक के लिए 30 करोड़ और 250 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल के लिए 40 करोड़ रुपए तक की सहायता दी जाएगी। इन पार्कों में सड़क, पानी, बिजली, नालियां, स्ट्रीट लाइट और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं विकासकर्ता को उपलब्ध करानी होंगी। ये औद्योगिक पार्क बने तो औद्योगिकीकरण और रोजगार दोनों को बढ़ावा देंगे। हैंडीक्राफ्ट, टेक्सटाइल, रिफाइनरी से संबंधित कई नए उद्योग खुल पाएंगे। राज्य सरकार पार्क के लिए 3 चरणों में सब्सिडी जारी करेगी। पहले चरण में 50% निर्माण पूरा होने पर 30% राशि दी जाएगी। दूसरे चरण के तहत निर्माण पूरा होने और पार्क के कुल आवंटित क्षेत्र में से 40 प्रतिशत की बिक्री या लीज होने पर 30 प्रतिशत राशि उपलब्ध होगी। तीसरे चरण में कुल आवंटित क्षेत्र में से 80% की बिक्री या लीज होने पर बाकी 40% राशि मिलेगी। यह सहायता शुरुआती 10 पार्कों या मार्च 2027 तक मिले प्रस्तावों में से जो पहले होगा, उसके अनुसार दी जाएगी। इस राशि में राज्य सरकार और रीको की 50-50% हिस्सेदारी होगी। पर्यावरण संरक्षण के लिए साझा सीईटीपी लगाने पर भी मदद मिलेगी। इसके लिए खर्च की 50% राशि या अधिकतम 12.5 करोड़ रुपए देंगे। अभी जोधपुर में बासनी, बोरानाडा, सांगरिया, हैवी, लाइट, न्यू जोधपुर, इंडिस्ट्रयल एस्टेट, एग्रो फूड पार्क बोरानाड़ा, साइबर पार्क, स्टोन पार्क मंडोर, मेडिकल डिवाइस पार्क सालावास, ईपीआईपी बोरानाडा में सरकारी औद्योगिक पार्क व क्षेत्र हैं। प्रस्तावित सरकारी औद्योगिक क्षेत्रों में कांकाणी, चटालिया, झक, खुडलिया, सोपरा व तिंवरी को शामिल किया गया है। रिफाइनरी, टेक्सटाइल से जुड़े उद्योग आना संभव: उद्योग विभाग के वरिष्ठ अतिरिक्त आयुक्त एसएल पालीवाल ने बताया कि इन चार तहसीलों का निजी औद्योगिक पार्कों के लिए चयन होने से आसपास के क्षेत्रों से जुड़े उद्योगों को नई राह मिलेगी। झंवर क्षेत्र बालोतरा व पचपदरा के पास है। यहां पार्क विकसित होने पर बालोतरा के टेक्सटाइल व रिफाइनरी से जुड़े उद्योग लग सकेंगे। यह क्षेत्र जोधपुर से भी नजदीक है। ऐसे में जोधपुर के उद्योगों को भी आसानी रहेगी। सेखाला से बालेसर व सेतरावा नजदीक है। इन क्षेत्रों के पत्थर उद्योगों को फायदा होगा। चामू क्षेत्र तिंवरी के पास है। यहां फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स व मसाला उद्योगों को राह मिलेगी। शेरगढ़ के पचपदरा मेगा हाईवे से जुड़ा होने से रिफाइनरी से जुड़े उद्योग स्थापित हो सकेंगे। 10 यूनिट होना अनिवार्य, 4 मॉडल तय किए सरकार ने औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए 4 मॉडल तय किए हैं।